Home Haryana हरियाणा की टीओडी नीति में शामिल हुआ दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर

हरियाणा की टीओडी नीति में शामिल हुआ दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर

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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर के स्वीकृत अलाइनमेंट को राज्य की ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति में शामिल कर लिया है। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में नीति में संशोधन की अधिसूचना जारी कर दी, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

सरकार के इस फैसले के बाद दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर हरियाणा क्षेत्र के उन मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (एमआरटीएस) कॉरिडोर की सूची में शामिल हो गया है, जिन्हें टीओडी जोन के विकास के लिए राज्य की नीति के तहत विचार में लिया जाएगा।

हरियाणा सरकार ने 9 फरवरी 2016 को ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट नीति अधिसूचित की थी। इसमें समय-समय पर संशोधन किए गए हैं। नीति के साथ जुड़े अनुबंध में हरियाणा में आने वाले एमआरटीएस कॉरिडोर का विवरण दिया गया है। नीति के खंड 10(8) के तहत हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एचएमआरटीसी) की सिफारिश और सरकार की मंजूरी के बाद किसी नए अलाइनमेंट को इस सूची में शामिल किया जा सकता है।

अधिसूचना के अनुसार, दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर के अलाइनमेंट को एचएमआरटीसी की सिफारिश पर सरकार पहले ही मंजूरी दे चुकी थी। इसके बाद एचएमआरटीसी ने इसे 2016 की टीओडी नीति के अनुबंध में शामिल करने का अनुरोध किया। इसी के आधार पर सरकार ने अब इसे अनुबंध में क्रम संख्या 10 के रूप में शामिल कर दिया है।

नई प्रविष्टि में कॉरिडोर का नाम “Delhi-Panipat-Karnal Namo Bharat RRTS Corridor” रखा गया है। इसका अलाइनमेंट अधिसूचना के साथ जारी परिशिष्ट-IV में दिए गए प्लान के अनुसार होगा।

अधिसूचना के नक्शे में कॉरिडोर को दिल्ली सीमा से सोनीपत, पानीपत होते हुए करनाल तक दर्शाया गया है। इसमें कुंडली-सोनीपत के बाद मुरथल, गन्नौर, समालखा, पानीपत, घरौंडा और करनाल की दिशा में अलाइनमेंट दिखाया गया है। नक्शे में आरआरटीएस स्टेशनों के साथ प्रत्येक स्टेशन के आसपास 1.5 किलोमीटर का प्रभाव क्षेत्र भी चिह्नित किया गया है।

कॉरिडोर को टीओडी नीति में शामिल किए जाने से इसका स्वीकृत अलाइनमेंट अब हरियाणा के नियोजित शहरी विकास ढांचे का हिस्सा बन गया है। टीओडी नीति का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन कॉरिडोर और उनके आसपास के क्षेत्रों के विकास को परिवहन व्यवस्था के साथ जोड़कर नियोजित करना है।

हालांकि, अधिसूचना में आरआरटीएस परियोजना की लागत, निर्माण शुरू होने की तारीख, पूरा होने की समयसीमा या परिचालन शुरू होने की तारीख का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए यह आदेश परियोजना के निर्माण की नई मंजूरी से संबंधित नहीं है, बल्कि स्वीकृत अलाइनमेंट को राज्य की मौजूदा टीओडी नीति में औपचारिक रूप से शामिल करने से जुड़ा है।

यह संशोधन अधिसूचना हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल की ओर से जारी की गई है।

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