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कोर्ट से बरी होने के 25 मिनट बाद विनोद पानू की हत्या, परिसर में मचा हड़कंप

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हिसार | करीब पांच साल से अदालत में चल रहे हत्या के प्रयास के मामले में बरी होने के कुछ ही मिनट बाद कोर्ट परिसर में विनोद पानू उर्फ काणा की हत्या कर दी गई। अतिरिक्त एवं जिला सत्र न्यायाधीश सौरव खत्री की अदालत ने वर्ष 2021 के इस मामले में विनोद समेत सभी 12 आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया था। फैसले के करीब 25 मिनट बाद ही कोर्ट परिसर में हुई हत्या की वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

हत्या के प्रयास के मामले में विनोद पानू उर्फ काणा के अलावा कुलदीप उर्फ बुदिया, कुलदीप, सागर, बलजीत, संदीप, सुरेंद्र, प्रदीप, रोहित, नरेंद्र, सज्जन और मुकेश आरोपी थे। गुरुवार को विनोद समेत 10 आरोपी अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए थे, जबकि सज्जन और मुकेश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में शामिल हुए थे। अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद सभी आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।

यह मामला बधावड़ निवासी रामअवतार की शिकायत पर दर्ज किया गया था। रामअवतार ने 6 नवंबर 2021 को बरवाला थाने में शिकायत देकर बताया था कि 5 नवंबर की शाम वह गांव गुराना की सीमा स्थित अपने खेत से ट्रैक्टर लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार तीन-चार युवक उसके पास पहुंचे और पेट्रोल पंप का रास्ता पूछने लगे।

शिकायत के मुताबिक, बातचीत के दौरान एक युवक ने रामअवतार से बधावड़ निवासी बलजीत शर्मा के साथ उसके विवाद के बारे में सवाल किया। आरोप है कि इसके बाद युवक ने उसे धमकी दी और कट्टे से उसके सिर की तरफ गोली चला दी। रामअवतार ने झुककर अपनी जान बचाई, लेकिन गोली उसके सिर के बाएं हिस्से को छूकर निकल गई। इससे वह घायल हो गया।

रामअवतार ने पुलिस को यह भी बताया था कि उसका बलजीत शर्मा के साथ प्लॉट को लेकर विवाद चल रहा था और इस विवाद को लेकर कई बार पंचायत हो चुकी थी। उसने पहले भी बलजीत शर्मा के खिलाफ पुलिस में शिकायत देने की बात कही थी। शिकायत के आधार पर बरवाला थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था।

पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र पेश किया था। इसके बाद करीब पांच साल तक मामले की सुनवाई चली। गुरुवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अभियोजन पक्ष की ओर से आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया।

अदालत से बरी होने के बाद विनोद पानू उर्फ काणा कोर्ट परिसर में ही मौजूद था। फैसले के करीब 25 मिनट बाद उसकी हत्या कर दी गई। इस वारदात के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और हत्या के पीछे की वजह तथा वारदात में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

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