चंडीगढ़ | दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस विधायक और ओलंपिक पहलवान विनेश फोगाट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी बयान में आरोप लगाया कि छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसने लोकतांत्रिक मूल्यों को आहत किया है।
विनेश फोगाट ने अपने पोस्ट में कहा कि छात्र अपने भविष्य, अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे थे, लेकिन उन्हें सम्मान मिलने के बजाय बल प्रयोग का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर से सामने आई तस्वीरें बेहद दुखद थीं और विशेष रूप से छात्राओं के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को लेकर चिंता जताई।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि छात्र अपने अधिकारों और न्याय की मांग कर रहे हैं, तो उन्हें किससे उम्मीद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं पर उनकी सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा की जिम्मेदारी है, वहीं यदि उन पर सवाल खड़े होने लगें तो यह गंभीर विषय है।
विनेश फोगाट ने आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि उनके अधिकारों की लड़ाई में देश का एक बड़ा वर्ग उनके साथ खड़ा है। हालांकि उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में अहिंसा और शांतिपूर्ण आंदोलन का रास्ता न छोड़ें।
उन्होंने कहा कि किसी भी जन आंदोलन को कमजोर करने या उसकी दिशा बदलने की कोशिश हो सकती है, इसलिए छात्रों को धैर्य, अनुशासन और संयम बनाए रखना चाहिए। उनके अनुसार, शांतिपूर्ण संघर्ष ही किसी भी लोकतांत्रिक आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत होता है।
अपने संदेश के अंत में विनेश फोगाट ने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि देश के इतिहास में युवाओं ने हमेशा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि आज भी युवाओं में बदलाव लाने की क्षमता है और उन्हें अपने अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखनी चाहिए।







