फतेहाबाद | फतेहाबाद जिले के गांव कुम्हारिया में शोक का माहौल है, जहां 25 वर्षीय विजय पूनिया की यूक्रेन युद्ध में मौत की खबर ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। विजय का पार्थिव शरीर दिल्ली पहुंच चुका है और परिजन उसे लेने के लिए रवाना हो गए हैं। बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश गए इस युवक की मौत ने परिवार के सपनों को तोड़कर रख दिया है।
जानकारी के अनुसार, विजय पूनिया जुलाई 2025 में बिजनेस वीजा पर रूस गया था। परिजनों का आरोप है कि वहां एजेंटों ने उसे अच्छी नौकरी और मोटी सैलरी का झांसा दिया, लेकिन बाद में जबरन रूसी सेना में भर्ती करवा दिया गया। इसके बाद उसे यूक्रेन के संवेदनशील युद्ध क्षेत्र डोनेत्स्क भेजा गया, जहां युद्ध के दौरान उसकी मौत हो गई।
यह गांव कुम्हारिया के लिए दूसरा बड़ा झटका है। इससे पहले इसी गांव के 23 वर्षीय अंकित जांगड़ा की भी यूक्रेन युद्ध में मौत हो चुकी है। अंकित का अंतिम संस्कार 4 अप्रैल को किया गया था और अब करीब 25 दिन बाद विजय की मौत की खबर ने गांव में फिर से मातम फैला दिया है।
विजय के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर बताई जा रही है। उसके पिता का कुछ साल पहले ही निधन हो चुका था और घर की जिम्मेदारी उसी पर थी। परिवार ने बैंक से कर्ज लेकर उसे विदेश भेजा था, ताकि वह कमाकर घर की हालत सुधार सके, लेकिन अब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
दोनों युवकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए परिजनों ने केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार से लगातार गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री नायब सैनी तक मामला पहुंचाया गया, वहीं सांसद कुमारी सैलजा, दीपेंद्र हुड्डा और हनुमान बेनीवाल ने भी विदेश मंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की थी। इसके बावजूद तमाम प्रयास असफल रहे और दोनों युवकों की जान नहीं बचाई जा सकी।







