चंडीगढ़ | हरियाणा में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिससे लोगों को मई-जून जैसी गर्मी का अहसास होने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल गर्म और शुष्क मौसम बना रहेगा, जबकि 19 मार्च के बाद मौसम में बदलाव और बारिश की संभावना जताई गई है।
सोमवार को कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल जरूर छाए, लेकिन इसका तापमान पर खास असर नहीं पड़ा। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान महेंद्रगढ़ में 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं हिसार में अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से करीब 6.2 डिग्री अधिक है, हालांकि यहां तापमान में तीन डिग्री की हल्की गिरावट दर्ज की गई।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार इस बार फरवरी और मार्च में उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में सामान्य बर्फबारी और बारिश नहीं हुई, जिससे गर्मी का प्रभाव बढ़ गया है। इसके अलावा गुजरात, पश्चिमी राजस्थान और अरब सागर के ऊपर बने प्रति-चक्रवातीय परिसंचरण के कारण प्रदेश में मौसम गर्म और शुष्क बना हुआ है। साथ ही पूर्वी हवाओं की जगह पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, जो अरब सागर की ओर से गर्म और शुष्क हवा लेकर आ रही हैं। इससे वातावरण में नमी कम हो रही है और तापमान बढ़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार मार्च में 11 और 14 मार्च को भी कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं। इनके कारण मौसम में हल्का बदलाव और बादलों की आवाजाही देखने को मिल सकती है, हालांकि इनका असर मुख्य रूप से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों तक सीमित रहने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 19 मार्च के बाद मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके प्रभाव से प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश होने और 20 मार्च से तापमान में गिरावट आने की संभावना है।







