Home Haryana डेढ़ साल बाद भी नहीं सुलझी नाले की समस्या, अब पीएमओ से...

डेढ़ साल बाद भी नहीं सुलझी नाले की समस्या, अब पीएमओ से गुहार लगाएंगे किसान

8
0

यमुनानगर |  खेतों के बीच से गुजर रहे नाले के कारण लगातार फसलों को हो रहे नुकसान से परेशान यमुनानगर के किसान अब केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग करेंगे। किसानों का आरोप है कि मुख्यमंत्री विंडो पर शिकायत दर्ज कराने के करीब डेढ़ वर्ष बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। कई बार अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब किसानों ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में शिकायत भेजने का निर्णय लिया है।

ममीदी, ईशोपुर और आसपास के गांवों के किसानों का कहना है कि खेतों से गुजर रहे नाले को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की ओर मोड़ने की मांग लंबे समय से की जा रही है। इस संबंध में फरवरी 2025 में मुख्यमंत्री विंडो पर शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक केवल निरीक्षण और आश्वासन ही मिले हैं। किसानों का कहना है कि कई बार अधिकारियों ने समाधान का भरोसा दिया, लेकिन जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

ममीदी निवासी जय दत्त त्यागी ने बताया कि शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया था, लेकिन इसके बाद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने बताया कि मई और नवंबर 2025 में लिखित रिमाइंडर भी भेजे गए। इसके अलावा चार बार समाधान शिविरों में भी शिकायत दर्ज कराई गई, जहां हर बार जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, लेकिन समस्या आज भी बनी हुई है।

किसानों का कहना है कि हर वर्ष नाले के कारण उनकी फसलें खराब हो जाती हैं। उनका दावा है कि यह नाला राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है और सीधे खेतों से होकर डिच ड्रेन में गिरता है। इससे खेती योग्य भूमि प्रभावित हो रही है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

किसान अक्षय त्यागी, अनूप कुमार और विजेंद्र ने बताया कि यदि इस नाले को जोड़िया क्षेत्र से एसटीपी की ओर डायवर्ट कर दिया जाए तो कई गांवों के किसानों को राहत मिल सकती है। उनका कहना है कि जम्मू कॉलोनी स्थित एसटीपी तक नाले का पानी पहुंचाकर समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है।

किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि नाले में औद्योगिक इकाइयों का रासायनिक मिश्रित पानी छोड़ा जाता है, जिससे भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है और फसल उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कर मामले में हस्तक्षेप की मांग करेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here