चंडीगढ़ | हरियाणा में कुछ दिनों की राहत के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार 25 जुलाई से मौसम का मिजाज बदलना शुरू होगा, जबकि 27 जुलाई से प्रदेश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां तेज होने की संभावना है। उत्तर और उत्तर-पूर्वी हरियाणा के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। बीती रात हिसार सहित कई जिलों में हुई बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ इस समय श्रीगंगानगर, रोहतक, दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, डाल्टनगंज और दीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी के कारण प्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।
24 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने का अनुमान है, जबकि उत्तर-पूर्वी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। 25 जुलाई को पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर और आसपास के क्षेत्रों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 27 जुलाई को मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। इस दौरान पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल और पानीपत में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। एक जून से अब तक हरियाणा में 176 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि सामान्य औसत 231 मिलीमीटर है। इस प्रकार राज्य में अब तक लगभग 24 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि आगामी बारिश का दौर इस कमी को काफी हद तक पूरा कर सकता है।
तापमान की बात करें तो हिसार प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद सिरसा में 34.4, रोहतक में 34.0 और अंबाला में 33.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान नारनौल में सबसे कम 23.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में 26.6, रोहतक में 26.8, करनाल में 27.0 और अंबाला में 27.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
यमुनानगर, फतेहाबाद और अन्य जिलों में हाल की बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति देखने को मिली है। प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले मार्गों से बचने और मौसम विभाग की ताजा सलाह का पालन करने की अपील की है।







