चंडीगढ़ | हरियाणा में सर्दी के मौजूदा सीजन में अब कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना कम नजर आ रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में तापमान में गिरावट तभी देखने को मिलेगी, जब पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होकर पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश या बर्फबारी कराएगा। इसका असर मैदानी इलाकों में भी मौसम परिवर्तन के रूप में दिखाई देगा।
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में दिन और रात के तापमान में लगातार धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बीते 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में औसतन 0.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है, जिससे ठंड का असर कम होता जा रहा है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 9 फरवरी की रात से प्रदेश में मौसम हल्का करवट ले सकता है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका मुख्य प्रभाव पहाड़ी इलाकों में रहेगा, जबकि हरियाणा के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना भी जताई गई है।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में महेंद्रगढ़ में सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रोहतक में सबसे अधिक न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले चार दिनों तक रात के तापमान में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। इसके बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।
अनुकूल मौसम के चलते किसानों को भी राहत मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियां रबी फसलों के लिए लाभकारी साबित होंगी और फसलों की बढ़वार में मदद करेंगी।







