गुरुग्राम। हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात गैंगस्टर वेंकटेश गर्ग उर्फ वेंकट को जॉर्जिया से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाया गया, जहां दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वेंकट हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और चंडीगढ़ में दर्ज कई संगीन मामलों में वांछित था और उस पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, वेंकट हरियाणा एसटीएफ की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। उसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी और आपराधिक साजिश जैसे एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। लंबे समय से फरार रहने के दौरान वह जॉर्जिया में छिपकर अपना आपराधिक नेटवर्क संचालित कर रहा था।
वेंकट का नाम पिछले वर्ष अंबाला के नारायणगढ़ में हुए चर्चित बसपा नेता हरबिलास रज्जूमाजरा हत्याकांड के बाद सुर्खियों में आया था। जांच में उसे इस हत्याकांड का कथित मास्टरमाइंड बताया गया था। आरोप है कि वारदात के बाद उसने फर्जी दस्तावेजों की मदद से देश छोड़ दिया और जॉर्जिया पहुंच गया।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, विदेश में रहते हुए भी वेंकट सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए अपने गैंग की गतिविधियों को संचालित कर रहा था। बताया जाता है कि वह लगातार युवाओं को अपने गिरोह से जोड़ने की कोशिश कर रहा था और विदेश से ही आपराधिक नेटवर्क को मजबूत करने में जुटा हुआ था।
हरियाणा एसटीएफ ने केंद्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से उसे जॉर्जिया में ट्रैक किया। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसका प्रत्यर्पण कराया गया। गुरुवार सुबह भारत पहुंचने पर उसे दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ शुरू कर दी गई।
जांच एजेंसियों का मानना है कि वेंकट की गिरफ्तारी से कई चर्चित आपराधिक मामलों और उसके गैंग के नेटवर्क से जुड़े अहम खुलासे हो सकते हैं। पुलिस अब उसके संपर्कों, वित्तीय गतिविधियों और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हुई है।







