भिवानी | भिवानी की चारा मंडी में जहां एक ओर सरसों से भरी पड़ी है, वहीं दूसरी ओर मंडी में नकली सरसों का खेल चल रहा था। मिट्टी जैसे पदार्थ से बनी इस नकली सरसों को असली सरसों में मिलावट के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। इस अवैध कारोबार का पर्दाफाश होते ही अधिकारियों की टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस के साथ छापा मारकर गोदाम को सील कर दिया।
गोदाम में मिली 1930 बैग नकली सरसों
इस गोदाम से 1930 बैग नकली सरसों और 564 खाली बैग बरामद हुए। ये बैग 50 किलो के थे और सभी पर एक ही ब्रांड का मार्का था। गोदाम के मालिक के बारे में जानकारी मिली कि यह गोदाम मंडी की कालिया, बलबीर सिंह रतन सिंह नामक फर्म का है, लेकिन जब जांच टीम ने फर्म के मालिक को बुलाया, तो उन्होंने साफ तौर पर इनकार किया कि यह उनका गोदाम है।
नकली सरसों के दाने सरसों के जैसे दिखने वाले मिट्टीनुमा थे, जो इसकी मिलावट को साबित करते हैं। अब यह जांच के बाद ही पता चलेगा कि यह नकली सरसों किस प्रकार बनाई गई और कहां से लाई गई। गोदाम के शटर पर एक ताला लगा हुआ था, जबकि दूसरा ताला नहीं था। सूचना मिलने के बाद देर रात इसे सील कर दिया गया।
गोदाम था किराए पर
सूत्रों के मुताबिक, यह गोदाम करीब दो महीने पहले किराए पर लिया गया था। पास में स्थित होटल के मालिक का यह गोदाम है, जिसे एक फर्म ने किराए पर लिया और नकली सरसों के भंडारण के लिए इस्तेमाल किया।
सात फर्मों से लिए गए सैंपल
अधिकारियों की टीम ने मंडी के सात फर्मों से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। जांच के दौरान आढ़तियों ने सैंपल देने में संकोच किया, लेकिन अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया। सभी सैंपल को सील करके जांच के लिए भेजा गया है।
इसी बीच, अधिकारियों को सूचना मिली कि चारा मंडी गेट के पास एक गोदाम में नकली खाद का भंडारण हो रहा है, जिसके बाद वहां से नकली सरसों का कारोबार उजागर हुआ। इस गोदाम पर छापेमारी के बाद शनिवार को एक और बार सैंपल लेकर गोदाम को सील कर दिया गया।
अधिकारियों की टीम
ड्यूटी मजिस्ट्रेट सिंचाई विभाग के एसडीओ संदीप मलिक की अगवाई में जांच टीम में डीएमइओ श्याम सुंदर, मार्केट कमेटी सचिव अनिल कुमार, कृषि विभाग के एसडीओ संजय कुमार, वेयर हाउस के डीएम दिलबाग सिंह मलिक, जीएसटी विभाग के एइटीओ आशुकेश, वेयर हाउस से गुरु प्रसाद, श्रीराम, अनिल एमएस आदि शामिल रहे।







