चंडीगढ़ | आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहालों को बेहतर पोषण देने के उद्देश्य से संचालित योजनाओं में बड़ी लापरवाही सामने आई है। बादली क्षेत्र के एक आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को एक्सपायरी डेट पार कर चुकी मिक्सचर खीर वितरित किए जाने का मामला उजागर हुआ है, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, दिसंबर माह में बादली स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को जो खीर दी गई, वह अपनी निर्धारित अवधि पूरी कर चुकी थी। एक किलो के पैकेट पर मैन्युफैक्चरिंग डेट एक सितंबर 2025 अंकित थी, जबकि इसकी वैधता केवल तीन महीने की थी। इस हिसाब से खीर की एक्सपायरी डेट एक दिसंबर 2025 थी, इसके बावजूद इसे बच्चों में बांटा गया।
इस घटना के सामने आने के बाद अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में छोटे बच्चों की सेहत के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बच्चों को दिया जाने वाला आहार न केवल पौष्टिक बल्कि पूरी तरह सुरक्षित होना चाहिए।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि एक्सपायरी खाद्य सामग्री केंद्र तक कैसे पहुंची और वितरण से पहले उसकी जांच क्यों नहीं की गई।
इस घटना ने आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण आहार की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जरूरत इस बात की है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो और नौनिहालों की सेहत की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।







