फरीदाबाद | दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच में हरियाणा के कई ठिकाने अहम कड़ी बनकर सामने आए हैं। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने आतंकी मॉड्यूल से जुड़े कश्मीरी छात्र जसीर बिलाल वानी को निशानदेही के लिए फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी सहित जिले के विभिन्न स्थानों पर ले जाकर जांच की। इस दौरान बम निरोधक दस्ता भी मौके पर मौजूद रहा और संदिग्ध ठिकानों की सघन तलाशी ली गई।
जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, जसीर वानी ने हरियाणा में रहते हुए आतंकी मुजम्मिल की मदद से विस्फोटक सामग्री तैयार करने की प्रक्रिया में सहयोग किया था। बताया गया है कि यूरिया को पीसकर अमोनियम नाइट्रेट अलग करने का काम आटा-चक्की के जरिए किया गया। एनआईए की टीम जसीर के साथ डॉ. शाहीन और डॉ. मुजम्मिल को भी यूनिवर्सिटी परिसर लाई, हालांकि निशानदेही केवल जसीर से कराई गई। जसीर के मुजम्मिल के फ्लैट में ठहरने की पुष्टि भी जांच में हुई है।
हरियाणा में बम निरोधक दस्ते की कार्रवाई
एनआईए अपने साथ बम निरोधक दस्ते को लेकर अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहुंची। यूनिवर्सिटी से सटे करीब दो एकड़ क्षेत्र में बने एक कमरे की गहन तलाशी ली गई। एजेंसी का दावा है कि इसी कमरे में करीब 12 दिनों तक विस्फोटक सामग्री रखी गई थी, जिसे बाद में फतेहपुर तगा के एक अन्य कमरे में स्थानांतरित किया गया। कमरे के भीतर और आसपास मिट्टी खोदकर भी जांच की गई। करीब एक घंटे बाद बम निरोधक दस्ता वहां से रवाना हुआ।
इसके बाद डॉ. मुजम्मिल और डॉ. शाहीन को यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन में ले जाया गया, जहां उनसे करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की गई। एनआईए ने फैकल्टी स्टाफ और कुछ छात्रों से भी सवाल-जवाब किए, ताकि रिमांड के दौरान सामने आई जानकारियों की पुष्टि की जा सके।
फरीदाबाद के गांवों तक जांच का दायरा
एनआईए की टीम जसीर वानी को मुजम्मिल के यूनिवर्सिटी स्थित फ्लैट, गांव धौज में रखी आटा-चक्की, और गांव खोरी जमालपुर स्थित उस मकान तक ले गई, जहां मुजम्मिल ने किराये पर कमरे ले रखे थे। इन सभी ठिकानों पर जसीर से निशानदेही कराई गई, जिससे हरियाणा में आतंकी गतिविधियों के नेटवर्क की परतें खुलती नजर आईं।
हवाई हमले की साजिश, बाद में बदली योजना
जांच में यह भी बड़ा खुलासा हुआ है कि आतंकी पहले हवाई हमले की योजना बना रहे थे, ताकि दूर से विस्फोटक के जरिए बड़ा हमला किया जा सके। तकनीकी और आर्थिक बाधाओं के चलते यह योजना सफल नहीं हो पाई। इसके बाद आतंकी उमर और उसके साथियों ने दिल्ली में एक साथ कई जगहों पर हमले की साजिश रची।
श्रीनगर में बना प्लान, हरियाणा में तैयारी
सूत्रों के अनुसार, हमले की रूपरेखा श्रीनगर में तैयार की गई थी, जहां कुछ प्रयोग भी किए गए थे। जसीर वानी पुलवामा का रहने वाला है और अनंतनाग के एक कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस का सेकेंड ईयर का छात्र है। वह दिल्ली ब्लास्ट में शामिल आतंकी उमर का करीबी बताया जा रहा है। उमर के जरिए ही जसीर की मुलाकात डॉ. शाहीन और मुजम्मिल से हुई थी।
एनआईए अब हरियाणा से जुड़े सभी ठिकानों और संपर्कों की गहन जांच कर रही है, ताकि राज्य में आतंकी नेटवर्क की किसी भी संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके।







