यमुनानगर | हरियाणा के यमुनानगर में खैर तस्करों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वे वन विभाग की टीम पर सीधे जानलेवा हमले करने लगे हैं। ताजा मामला जिले के आमवाला गांव में सामने आया, जहां वन विभाग के कर्मचारियों ने खैर की अवैध तस्करी रोकने की कोशिश की तो तस्करों ने उनकी गाड़ी को टक्कर मारकर खौफनाक हमला कर डाला।
पीछा कर रहे कर्मचारियों पर जानलेवा हमला
वन रक्षक अंकित गुर्जर को खुफिया सूचना मिली थी कि कोट गांव से एक सफेद स्कॉर्पियो में खैर की लकड़ी की तस्करी की जा रही है। टीम ने जैसे ही सफेद स्कॉर्पियो का पीछा शुरू किया और पीछे से अपनी काली थार लगा दी, तस्करों ने जानलेवा प्रतिक्रिया दे डाली। स्कॉर्पियो में सवार तस्करों ने थार को लगातार तीन बार टक्कर मारी, जिससे दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
15 किलोमीटर तक पीछा, तस्कर खेतों में छोड़कर भागे
कर्मचारियों ने जान जोखिम में डालते हुए तस्करों का पीछा जारी रखा। आखिरकार करीब 15 किलोमीटर तक चली फिल्मी स्टाइल की इस रेस के बाद तस्कर आमवाला गांव के खेतों में खैर से भरी स्कॉर्पियो छोड़कर फरार हो गए।
राहगीर भी चपेट में, रेहड़ी वाले को नुकसान
भागने के दौरान तस्करों ने बिलासपुर कस्बे में एक रेहड़ी वाले को टक्कर मार दी, जिससे उसकी रेहड़ी पलट गई और करीब ₹25,000 का नुकसान हुआ। हालांकि गनीमत रही कि रेहड़ी वाला बच गया।
“तीन बार मारी टक्कर, फिर भी नहीं रुके” – फॉरेस्ट गार्ड
वन रक्षक अंकित गुर्जर ने बताया कि स्कॉर्पियो में बैठे तस्करों को जब रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने गाड़ी को तीन बार टक्कर मारी, लेकिन उन्होंने पीछा नहीं छोड़ा और आखिरकार तस्कर गाड़ी छोड़कर भाग निकले।







