चंडीगढ़ | हरियाणा में लिंगानुपात में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव के निर्देश पर राज्य में चल रहे “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी से 10 नवंबर 2025 तक राज्य का औसत लिंगानुपात 912 दर्ज किया गया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 904 था।
राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई राज्य टास्क फोर्स (STF) की साप्ताहिक बैठक में यह जानकारी साझा की गई। बैठक में अधिकारियों को अवैध गर्भपात पर सख्त कार्रवाई करने और अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
किन जिलों में दिखा सुधार
बैठक में बताया गया कि फतेहाबाद, गुरुग्राम, पंचकूला, पानीपत और रेवाड़ी में लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वहीं, सिरसा, सोनीपत और चरखी दादरी जैसे जिलों में गिरावट दर्ज की गई है। अधिकारियों को इन जिलों में सतर्कता बढ़ाने और दोषी चिकित्सकों के लाइसेंस रद्द करने जैसी दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
जिम्मेदारी तय, कार्रवाई शुरू
चरखी दादरी जिले के गोपी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एसएमओ को खराब लिंगानुपात के लिए चार्जशीट जारी की गई है। वहीं नारायणगढ़, मुलाना और चौरमस्तपुर के प्रभारी एसएमओ और पलवल, सिरसा, चरखी दादरी व सोनीपत के सीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि अगर इसी तरह प्रयास जारी रहे, तो हरियाणा जल्द ही संतुलित लिंगानुपात वाले राज्यों की श्रेणी में शामिल हो सकता है।







