चंडीगढ़ | हरियाणा में वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। बुधवार को जींद और दिल्ली देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहे, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 418 दर्ज किया गया — जो “गंभीर” श्रेणी में आता है। राज्य के कई इलाकों में पराली जलाने की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं, जिसके चलते प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए फतेहाबाद, हिसार और बदन आजाद जिलों के उपायुक्तों (DCs) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आयोग ने तीनों से 17 नवंबर तक जवाब मांगा है कि उन्होंने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए।
वहीं, सिरसा जिले में कार्रवाई और सख्त की गई है। पराली नियंत्रण में लापरवाही बरतने के आरोप में दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि तीन अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
प्रदूषण के बीच बढ़ रही ठंड
मौसम विभाग के अनुसार, ठंड भी तेजी से बढ़ रही है। नारनौल में न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.5 डिग्री कम है। यहां शीतलहर जैसी स्थिति बनी रही। हिसार, सिरसा, गुरुग्राम, पंचकूला, सोनीपत और करनाल में भी रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडी हवाओं के साथ धुंध और प्रदूषण का असर और बढ़ सकता है, जिससे वायु गुणवत्ता और बिगड़ने की आशंका है।







