चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार की ₹500 में बीपीएल गैस सिलेंडर योजना को एक साल हो चुका है, लेकिन 46 लाख पात्र परिवारों में से सिर्फ 17 लाख ने ही इसका लाभ उठाने के लिए आवेदन किया है।
रजिस्ट्रेशन की कम संख्या से सरकार भी हैरान है। अधिकारियों को शक है कि कई लोग जानबूझकर आवेदन नहीं कर रहे क्योंकि उन्होंने गलत जानकारी देकर बीपीएल कार्ड बनवाए हैं और अब जांच के डर से पीछे हट रहे हैं।
खाद्य विभाग ने आवेदन करने वाले सभी लोगों की अंतर्विभागीय जांच शुरू कर दी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लाभार्थी वास्तव में बीपीएल श्रेणी में आते हैं। जांच में फिलहाल 2 लाख से ज्यादा आवेदन संदेह के घेरे में हैं।
राज्य सरकार ने हाल ही में बीपीएल की आय सीमा को 1.20 लाख से बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये कर दिया था, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने गलत जानकारी देकर कार्ड बनवा लिए। पिछले 4 महीनों में 6.36 लाख फर्जी राशन कार्ड रद्द भी किए जा चुके हैं।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर के मुताबिक, अब सिर्फ असली पात्र ही आवेदन कर रहे हैं और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।







