गुड़गांव | सराय अलावर्दी गांव में ट्रांसफॉर्मर गिरने की घटना में गंभीर रूप से घायल हुए 12 वर्षीय कुणाल के परिजन और ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया है। पीड़ित परिवार के साथ गांव के दर्जनों लोग बुधवार को जिला उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए 20 लाख रुपये मुआवजे और भविष्य में कुणाल को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की।
बिजली विभाग की लापरवाही ने उजाड़ा बचपन
घटना 19 जून की है जब सराय अलावर्दी निवासी कुणाल अपने पिता के साथ टहलने निकला था। उसी दौरान सड़क किनारे असुरक्षित तरीके से रखा गया बिजली विभाग का ट्रांसफॉर्मर अचानक गिर पड़ा, जिससे कुणाल बुरी तरह घायल हो गया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बीते 6 दिन से उसका इलाज चल रहा है। हादसे में कुणाल के दोनों पैरों की हड्डियां टूट गईं, जिससे उसका भविष्य अधर में लटक गया है।
सरकारी मदद और कार्रवाई की मांग
कुणाल के पिता ललित कुमार और अधिवक्ता रोहित मदान ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि 12 वर्षीय मासूम अब शायद कभी सामान्य बच्चों की तरह दौड़-भाग नहीं पाएगा। परिजन चाहते हैं कि सरकार फौरन आर्थिक सहायता दे और जब कुणाल 18 वर्ष का हो, तब उसे सरकारी नौकरी की गारंटी दी जाए।
FIR दर्ज, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
ग्रामीण हेमराज और अन्य लोगों ने बताया कि 22 जून को पुलिस ने इस मामले में बिजली विभाग के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। ग्रामीणों ने अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।
ग्रामीणों का आक्रोश, भावनात्मक अपील
ग्रामीणों का कहना है कि एक मासूम का बचपन बिजली विभाग की लापरवाही ने छीन लिया। आज कुणाल जैसे बच्चे सेना या पुलिस जैसी सेवाओं में जाने का सपना नहीं देख पाएंगे। इस उम्र में उसके सपनों का अंत हो गया है। अब सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह परिवार को न्याय और सहयोग दे।







