चंडीगढ़ | केंद्रीय ऊर्जा एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि 12 जून 2022 को मुख्यमंत्री रहते हुए जब उन्होंने सीएम आवास का नाम बदलकर ‘संत कबीर कुटीर’ रखा, वह उनके जीवन का एक गौरवशाली क्षण था। उन्होंने कहा कि कबीरदास जी के विचार आज भी हरियाणा सरकार की नीतियों में स्पष्ट रूप से नजर आते हैं।
मंत्री ने कहा कि कबीरदास जी से प्रेरणा लेकर सरकार ने ‘हरियाणा एक – हरियाणवी एक’ का संकल्प जन-जन तक पहुँचाया और जाति-पात से ऊपर उठकर अंत्योदय की भावना के साथ योजनाएं लागू की गईं।
“कबीरदास जी महज संत नहीं, मानवता का प्रतीक हैं”
मनोहर लाल ने कहा कि जब उन्होंने 2014 में पहली बार प्रदेश की कमान संभाली थी, तब राज्य भ्रष्टाचार और क्षेत्रवाद जैसी समस्याओं से जूझ रहा था। ऐसे समय में कबीरदास जी के सिद्धांतों और सादगी से उन्हें नई दिशा मिली।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की परिवार पहचान पत्र योजना, बीपीएल आय सीमा में बढ़ोतरी, आयुष्मान/चिरायु योजना और ऑनलाइन पोर्टलों के माध्यम से सुलभ सेवाएं — सभी कबीरदास जी के विचारों से प्रेरित हैं।
सुशासन में संतवाणी की भूमिका
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में चल रही योजनाओं जैसे अंत्योदय सरल पोर्टल, शगुन योजना, मकान मरम्मत सहायता, और सामाजिक सुरक्षा की पहलें — आम लोगों तक पहुंच बनाकर सामाजिक समानता को बढ़ावा दे रही हैं।
वर्तमान सरकार भी उन्हीं विचारों पर चल रही है
उन्होंने कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में भी हरियाणा सरकार कबीरदास जी के विचारों को आत्मसात करते हुए जातिवाद और भाई-भतीजावाद से ऊपर उठकर जनहित में काम कर रही है।
सामाजिक बदलाव के लिए सभी को प्रयास करना चाहिए
मनोहर लाल ने लोगों से आह्वान किया कि कबीरदास जी की तरह व्यावहारिक जीवन शैली अपनाएं और कमज़ोर वर्ग को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए निरंतर प्रयास करें।







