रोहतक | हरियाणा के रोहतक जिले से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से जुड़ा एक विवाद सामने आया है। विभाग के एक ठेकेदार ने जेई, एसडीई और डीएओ पर रिश्वत मांगने, पद के दुरुपयोग और सिक्योरिटी राशि में मनमानी कटौती के आरोप लगाए हैं। ठेकेदार का कहना है कि रिश्वत न देने पर अधिकारियों ने 1.28 लाख रुपये की गैरकानूनी कटौती कर दी।
ठेकेदार ने उच्च अधिकारियों से की शिकायत
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार ललित कुमार ने विभाग के आयुक्त-सचिव को शिकायत भेजकर जांच की मांग की है। शिकायत में उल्लेख है कि अधिकारियों ने आपसी मिलीभगत से सिक्योरिटी रिफंड में मनमानी कटौती की। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए विभाग के इंजीनियर इन चीफ ने रोहतक के एसई को 15 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश जारी किए हैं।
तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण था प्रोजेक्ट
ललित कुमार को ई-टेंडर के माध्यम से रोहतक की न्यू चिन्योट कॉलोनी में 315 मिमी एचडीपीई पाइपलाइन बिछाने और मैनहोल निर्माण का कार्य सौंपा गया था, जिसकी कुल लागत 2.20 करोड़ रुपये थी। कार्य रेलवे लाइन के समीप होने के कारण तकनीकी रूप से जटिल था और निर्धारित समय के भीतर 21 मई 2024 को पूरा किया गया।
भुगतान स्वीकृत, फिर भी कटौती
ठेकेदार के मुताबिक, साइट की स्थिति के आधार पर जेई और एसडीई के मौखिक निर्देश पर 4 मीटर अतिरिक्त पाइप डाली गई, जिसका भुगतान विभाग ने फाइनल बिल में शामिल भी किया। लेकिन जब ठेकेदार ने 1.95 लाख रुपये की सिक्योरिटी रिफंड के लिए ऑनलाइन आवेदन किया, तो बिना किसी स्पष्ट आधार के 1.28 लाख रुपये काट लिए गए।
ठेकेदार का आरोप है कि कटौती प्रति मीटर 32,000 रुपये की दर से की गई, जबकि ठेके में निर्धारित दर 31,500 रुपये प्रति मीटर थी। कटौती की दर किसने तय की, इसका कोई दस्तावेज विभाग के पास नहीं है।







