पलवल | पलवल जिले में सड़क सुधारीकरण के नाम पर करीब 3.5 करोड़ रुपये की सरकारी ग्रांट के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जिन सड़कों की हालत बिल्कुल ठीक थी, उन्हें बिना किसी आवश्यकता के तोड़कर दोबारा निर्माण शुरू कर दिया गया है, जिससे सरकारी धन की बर्बादी हो रही है।
जानकारी के अनुसार, गांव ताराका से छज्जू नगर तक की सड़क पर चारकोल सीमेंट का कार्य पूरा हो चुका है। वहीं, पलवल नेशनल हाईवे से ओल्ड जीटी रोड और हाईवे-19 से शेखपुरा मीनार गेट तक की करीब दो किलोमीटर लंबी कंक्रीट सड़कें अभी निर्माणाधीन हैं।
स्थानीय लोगों ने कहा कि ये सड़कें पूरी तरह दुरुस्त थीं और तोड़फोड़ की कोई आवश्यकता नहीं थी। इतना ही नहीं, सड़क किनारे बन रही नालियों में घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल होने के कारण वे कई जगहों से पहले ही टूटने लगी हैं।
इस पर जब जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “मैटेरियल की रिपोर्ट मंगवाई गई है, यदि कहीं गड़बड़ी मिलती है तो सुधार कराएंगे।”
लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता ने बताया कि तीन सड़कों के लिए एक साथ 3.5 करोड़ रुपये का टेंडर पास किया गया था। जहां ताराका रोड का कार्य पूरा हो चुका है, वहीं रसूलपुर और शेखपुरा की सड़कों पर काम अभी जारी है, जो 20 दिनों में पूरा होगा।
स्थानीय लोगों ने इस पूरे प्रोजेक्ट की निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि यदि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या अनियमितता पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।







