चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने राज्य के शिक्षा ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए एक अहम फैसला लिया है। राज्यभर में 100 मीटर से कम दूरी पर स्थित 194 राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं और राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशालाओं को मर्ज (एकीकृत) किया जाएगा।
इस कदम के तहत सभी कन्या प्राथमिक स्कूलों को बंद किया जाएगा और इन्हें पास की ही राजकीय प्राथमिक स्कूलों में मिलाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे शिक्षा संसाधनों का बेहतर उपयोग, शिक्षकों की उपलब्धता में सुधार और शैक्षणिक गुणवत्ता में वृद्धि होगी।
शिक्षा विभाग ने शुरू की प्रक्रिया
हरियाणा शिक्षा विभाग ने इस मर्जर प्रक्रिया को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। जिन स्कूलों के बीच 100 मीटर या उससे कम दूरी है, उन्हें चिन्हित कर एकीकृत किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी और व्यावहारिक सुधारों की ओर एक कदम है, जो बच्चों की बेहतर पढ़ाई और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
क्या होगा असर?
इस निर्णय से न सिर्फ प्रशासनिक खर्चों में कटौती होगी, बल्कि विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या और संसाधनों का भी समुचित प्रयोग हो सकेगा। हालांकि, कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में कन्या विद्यालयों के बंद होने को लेकर चिंता भी जताई जा रही है, खासकर जहां पर लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अलग स्कूल बनाए गए थे।
आगे की राह
सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसे और भी कदम उठाए जा सकते हैं जहां समान स्थान पर दो या अधिक स्कूलों के संचालन को गैर-जरूरी समझा जाएगा।







