चंडीगढ़ , अंकुर कपूर | हरियाणा सरकार ने प्रदेश में डेयरी क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की कि प्रदेशभर में 700 से अधिक नए वीटा बूथ स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, सहकारी समितियों से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों को दूध संग्रहण पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने देर शाम चंडीगढ़ में सहकारी फेडरेशन, डेयरीफेड, वीटा, हरहित स्टोर, लेबरफेड और हाउसफेड सहित विभिन्न सहकारी संस्थाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा भी मौजूद रहे।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय बढ़ाने के लिए सहकारी मॉडल को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों के तहत पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूहों को दूध संग्रहण के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके अलावा साझा डेयरी योजना के तहत पंचायत भूमि पर डेयरी शेड निर्माण और पशुओं की खरीद के लिए ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने डेयरी क्षेत्र के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में भी वृद्धि की घोषणा की। अब सर्दियों में मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 3 रुपये से बढ़ाकर 5 रुपये और गर्मियों में 5 रुपये से बढ़ाकर 7 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। वहीं, वीटा दूध की मार्केटिंग को मजबूत करने के लिए 3 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त सहायता देने का भी फैसला लिया गया है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की पहचान मुर्राह नस्ल की भैंस है और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए महिला समूहों को डेयरी व्यवसाय से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 143 स्वयं सहायता समूह दूध बिक्री के लिए अपनी सहमति दे चुके हैं और जल्द ही इनके लिए आधुनिक डेयरी शेड व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में 800 सहकारी समितियों में से 710 का ऑनलाइन पंजीकरण पूरा हो चुका है। सभी समितियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है, ताकि शेयर ट्रांसफर सहित अन्य सेवाएं भी ऑनलाइन उपलब्ध हो सकें।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 674 वीटा बूथ शुरू किए जा चुके हैं। जल्द ही 318 नए बूथ खोले जाएंगे, जबकि 240 अन्य बूथों की स्थापना की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि वीटा उत्पादों की बिक्री रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, पर्यटन स्थलों, ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों और सरकारी अस्पतालों तक विस्तारित की जाएगी।
डेयरी क्षेत्र के विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि बावल में 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता का नया दुग्ध संयंत्र स्थापित किया जा रहा है, जिसकी क्षमता भविष्य में बढ़ाकर 5 लाख लीटर प्रतिदिन की जाएगी। इसके अलावा अंबाला में भी 1.50 लाख लीटर क्षमता का नया प्लांट स्थापित होगा। प्रदेश के प्रत्येक जिले में 5 से 10 हजार लीटर क्षमता वाले कुल 21 मिल्क चिलिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने सहकारी चीनी मिलों की कार्यक्षमता बढ़ाने, गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहित करने, हरहित स्टोरों के विस्तार, आवास ऋण योजनाओं और सहकारी संस्थाओं में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने और रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।







