चंडीगढ़ | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए राज्य भर में जारी अल्पावधि परियोजनाओं की समीक्षा की और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी जरूरी कामों को प्राथमिकता के आधार पर समय पर पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इन कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नदियों और ड्रेनों की सफाई पर जोर
मुख्यमंत्री ने सिंचाई एवं जल संसाधन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि राज्य में सभी ड्रेनों और माइनरों की सफाई तुरंत सुनिश्चित की जाए, ताकि बारिश के समय जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने खासतौर पर सरस्वती, मारकंडा और टांगरी नदियों के डिसिल्टिंग कार्य को गति देने के निर्देश दिए ताकि प्राकृतिक जल प्रवाह बाधित न हो। ड्रेनों में उगने वाली जलकुंभी को भी समय रहते हटाने के निर्देश दिए गए।
बांधों और संरचनाओं की जांच अनिवार्य
मुख्यमंत्री सैनी ने अधिकारियों से कहा कि सभी बांधों की तकनीकी जांच मानसून से पहले कर ली जाए और अगर कहीं भी कोई क्षति या कमजोरी पाई जाती है तो उसका समय पर मरम्मत कार्य किया जाए।
खालों की स्थिति पर विशेष नजर
प्रदेश में 20 वर्ष से अधिक पुराने खालों की सूची तैयार करने और उनकी सफाई एवं मरम्मत के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश भी सीएम ने दिए। उन्होंने कहा कि सिंचाई और जल संसाधन विभाग को अपने कार्यों की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों और उपायुक्तों को भी देनी चाहिए।
यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने का प्लान
मुख्यमंत्री ने यमुना नदी की स्वच्छता को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यमुना में कोई भी गंदा नाला न गिराया जाए। जहां-जहां इंडस्ट्रियल वेस्ट नदी में मिल रहा है, वहां सीईटीपी (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) की स्थापना की जाए।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इन ट्रीटमेंट प्लांट्स से निकलने वाले शुद्ध जल का उपयोग सिंचाई आदि में किया जाए और इसके लिए एक व्यवस्थित योजना तैयार की जाए।
जल संरक्षण पर भी फोकस
सीएम सैनी ने मानसून से पहले सभी वाटर हार्वेस्टिंग और रिचार्जिंग स्ट्रक्चर्स की सफाई और मजबूती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि भूजल स्तर बढ़ाया जा सके और वर्षा जल का संचयन संभव हो सके।
209 परियोजनाओं को मिली हरी झंडी
बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि हरियाणा राज्य सूखा राहत एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड ने 282 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 209 अल्पावधि परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। इनमें से 103 परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है जबकि बाकी विभिन्न अनुमोदन प्रक्रियाओं में हैं। बताया गया कि 30 जून तक सभी ड्रेनों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।







