हरियाणा | भारत द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन सिंदूर के बीच हरियाणा सरकार ने शहीद सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के जवानों के आश्रितों के लिए राहत राशि दोगुनी कर दी है। अब शहीद होने पर उनके परिजनों को ₹1 करोड़ की अनुग्रह राशि दी जाएगी। पहले यह राशि ₹50 लाख थी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह लाभ हरियाणा मूल के उन जवानों को मिलेगा, जो देश में किसी भी स्थान पर तैनात हों। यह संशोधित अनुदान 23 फरवरी 2023 या उसके बाद शहीद हुए जवानों पर लागू होगा।
किन परिस्थितियों में मिलेगा अनुग्रह अनुदान:
- ड्यूटी के दौरान मृत्यु
- आतंकवादी हमले
- हवाई/समुद्री दुर्घटनाएं
- प्राकृतिक आपदाओं और बचाव कार्यों के दौरान
- चुनाव ड्यूटी या आंतरिक सुरक्षा ऑपरेशन में शहीद होने पर
लाभार्थी की पात्रता:
- यदि शहीद की पत्नी दूसरी शादी करती है, तो उसे 35% राशि का अधिकार रहेगा।
- शहीद के बच्चों और माता-पिता में 50-50% राशि का बंटवारा होगा यदि दोनों जीवित हैं।
- अविवाहित शहीद की स्थिति में माता-पिता को पूरी राशि दी जाएगी। यदि माता-पिता नहीं हैं, तो भाई-बहनों को अनुदान मिलेगा।
- किसी अन्य रिश्तेदार को यह लाभ नहीं मिलेगा।
दिव्यांगता पर अलग सहायता:
- 70% से अधिक दिव्यांगता होने पर ₹35 लाख
- 50% से 69% दिव्यांगता पर ₹25 लाख
- 20% से 49% दिव्यांगता पर ₹15 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
किन बलों को मिलेगा लाभ:
इस योजना के अंतर्गत भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना, भारतीय तटरक्षक बल, BSF, CRPF, ITBP, CISF, असम राइफल्स, रैपिड एक्शन फोर्स और अग्निवीर योजना के तहत कार्यरत जवानों के आश्रित भी शामिल होंगे। हरियाणा सरकार 5 मई को कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी है और जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी।







