चंडीगढ़ | हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती द्वारा कश्मीर में सेना की धरपकड़ कार्रवाई रोकने की मांग पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सेना से जुड़े निर्णय सेना को ही लेने दिए जाने चाहिए।
पत्रकारों से बातचीत में विज ने कहा, “जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद कह चुके हैं कि सेना को यह अधिकार है कि वह कब और कैसे कार्रवाई करे, तो फिर बाकी किसी नेता के बयान की क्या अहमियत है? सेना को उसका काम करने दिया जाए।”
कैबिनेट मंत्री ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा, “भारत की जनता को अपनी सेना के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए और उसका मनोबल बढ़ाना चाहिए। ऐसे नकारात्मक बयान देने वालों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति भविष्य में सेना के खिलाफ बोलने की हिम्मत न कर सके।”
मॉकड्रिल को बताया ज़रूरी, कहा- “सिविल डिफेंस को एक्टिव रखना है”
विज ने 7 मई को होने वाली राष्ट्रीय मॉकड्रिल को लेकर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि देश में तनाव की स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों में यह मॉकड्रिल कराना तय किया है।
“हमने 1965 और 1971 के युद्ध में देखा है कि किस तरह ब्लैकआउट होते थे और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाता था। यदि हम हमले की योजना बना रहे हैं, तो पाकिस्तान में भी ऐसी तैयारी हो रही होगी,” विज ने कहा।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि सिविल डिफेंस ऐसे हालात में देश के अंदर सक्रिय भूमिका निभाती है और उसे एक्टिव रखना आवश्यक है, इसी कारण यह मॉकड्रिल करवाई जा रही है।







