चंडीगढ़ | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में सोमवार दोपहर 2 बजे राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए नई शराब नीति को मंजूरी मिल सकती है। सरकार को इस नई नीति से लगभग 14 हजार करोड़ रुपये के राजस्व की उम्मीद है।
शराब नीति में इस बार लीकेज रोकने, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और अवैध शराब की तस्करी पर नकेल कसने के विशेष प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिससे राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।
CET परीक्षा की तारीख पर भी फैसला संभव
इसके अलावा, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों के लिए आयोजित होने वाली संयुक्त पात्रता परीक्षा (CET) की तारीख को भी बैठक में अंतिम मंजूरी दी जा सकती है। सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है कि यह परीक्षा मई के अंत में आयोजित की जाएगी। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के चेयरमैन हिम्मत सिंह इस संबंध में सभी तैयारियां सरकार को भेज चुके हैं।
शराब हो सकती है थोड़ी महंगी
नई शराब नीति को मंजूरी मिलने के बाद देशी और विदेशी शराब के दामों में मामूली बढ़ोतरी की संभावना है। हालांकि, शराब के ठेकों की संख्या में इजाफा नहीं किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 2,400 शराब ठेके हैं, जिनकी नीलामी ओपन बिडिंग के माध्यम से की जाएगी।
नीति के तहत सीसीटीवी निगरानी, अधिकारी स्तर पर जवाबदेही, और बड़े कर मामलों में अधिकारों के पुनः निर्धारण जैसे उपाय शामिल हैं। 2 करोड़ से अधिक कर वाले मामलों में अब उप-आबकारी एवं कराधान अधिकारियों को नोटिस जारी करने का अधिकार दिए जाने पर भी विचार किया जा सकता है।
जीएसटी जांच प्रक्रिया में बदलाव
हरियाणा GST अधिनियम 2017 की धारा 61 के तहत संज्ञान के मामलों की जांच के लिए सक्षम अधिकारी के रूप में आबकारी एवं कराधान अधिकारियों की नियुक्ति पर भी कैबिनेट की मुहर लग सकती है। करदाताओं की सुविधा के लिए जांच अब संयुक्त आयुक्त (JETC) की पूर्व मंजूरी के बाद ही शुरू होगी। इसके साथ ही, 3 से 4 वर्षों का ऑडिट एक ही बार में करने की योजना है ताकि व्यापारियों को बार-बार विभाग के चक्कर न लगाने पड़ें।







