यमुनानगर | यमुनानगर जिले के तेजली गांव में गंदगी और ओवरफ्लो नालियों के चलते स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है। गांव में साफ-सफाई की व्यवस्था चरमराई हुई है, और पीने के पानी की पाइपलाइन नालियों के पास से गुजर रही है, जिससे संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 29 अप्रैल को एक रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) गांव में भेजी।
पिछले दो दिनों में RRT द्वारा किए गए सर्वे में 380 घरों की जांच की गई, जिनमें से 26 पुरुषों और 52 महिलाओं में बुखार के लक्षण पाए गए। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में वर्षों पुरानी सीवरेज लाइन जर्जर हो चुकी है, जिससे लगातार गंदा पानी बहता रहता है। कई निवासी बुखार, उल्टी और पेट दर्द जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं।
जांच के दौरान कुछ स्थानों पर पेयजल पाइपलाइन में लीकेज पाया गया, जिसे मरम्मत कर ठीक किया गया है। टीम ने संभावित बीमारियों की पहचान के लिए हेपेटाइटिस A, B, C और E, टाइफाइड, लेप्टोस्पायरोसिस और स्क्रब टायफस की जांच हेतु 40-40 रक्त नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला में भेजा गया है।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, पेयजल आपूर्ति के लिए इस्तेमाल हो रहे दो पाइपलाइन स्थानों पर रिसाव मिला है। सोमवार को लिए गए 11 पानी के नमूनों में से कोई भी पीने योग्य नहीं पाया गया। आज फिर 11 अन्य नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।







