पलवल | पलवल के हुडा सेक्टर 2 स्थित एसपीएस इंटरनेशनल स्कूल के पीछे और कृष्णा रेजिडेंसी के सामने बनी कॉलोनी में रहने वाले करीब 100 परिवारों को भीषण गर्मी में लगभग 21 घंटे तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा। बुधवार दोपहर तकनीकी फॉल्ट के चलते बिजली सप्लाई बंद कर दी गई थी, लेकिन उसे समय पर बहाल नहीं किया गया, जिससे लोगों में रोष फैल गया।
पूरी रात भटके उपभोक्ता, सुबह की नारेबाजी
बिजली गुल होने के बाद लोगों ने पूरी रात बिजली विभाग और पावर हाउस के चक्कर काटे, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। इसके बाद गुरुवार सुबह गुस्साए उपभोक्ताओं ने हुडा सेक्टर-2 स्थित पावर हाउस के बाहर प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बार-बार उन्हें झूठे आश्वासन देते रहे कि “15 मिनट में बिजली आ जाएगी”।
विभाग ने बताया फॉल्ट, कॉलोनी को बताया ‘अन-अप्रूव्ड’
इस मामले में अधीक्षण अभियंता रंजन राव ने जानकारी दी कि बिजली सप्लाई बंद करने का कारण सिटी-4 की केबल लाइन में फॉल्ट था, जिसे अब दुरुस्त कर दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह क्षेत्र एक अन-अप्रूव्ड कॉलोनी है, जिस कारण तकनीकी समस्याएं अधिक आती हैं।
पलवल | पलवल के हुडा सेक्टर 2 स्थित एसपीएस इंटरनेशनल स्कूल के पीछे और कृष्णा रेजिडेंसी के सामने बनी कॉलोनी में रहने वाले करीब 100 परिवारों को भीषण गर्मी में लगभग 21 घंटे तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा। बुधवार दोपहर तकनीकी फॉल्ट के चलते बिजली सप्लाई बंद कर दी गई थी, लेकिन उसे समय पर बहाल नहीं किया गया, जिससे लोगों में रोष फैल गया।
पूरी रात भटके उपभोक्ता, सुबह की नारेबाजी
बिजली गुल होने के बाद लोगों ने पूरी रात बिजली विभाग और पावर हाउस के चक्कर काटे, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। इसके बाद गुरुवार सुबह गुस्साए उपभोक्ताओं ने हुडा सेक्टर-2 स्थित पावर हाउस के बाहर प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बार-बार उन्हें झूठे आश्वासन देते रहे कि “15 मिनट में बिजली आ जाएगी”।
विभाग ने बताया फॉल्ट, कॉलोनी को बताया ‘अन-अप्रूव्ड’
इस मामले में अधीक्षण अभियंता रंजन राव ने जानकारी दी कि बिजली सप्लाई बंद करने का कारण सिटी-4 की केबल लाइन में फॉल्ट था, जिसे अब दुरुस्त कर दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह क्षेत्र एक अन-अप्रूव्ड कॉलोनी है, जिस कारण तकनीकी समस्याएं अधिक आती हैं।







