चंडीगढ़। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर हरियाणा को भाखड़ा नहर प्रणाली से मिल रहे पानी में कटौती को लेकर केंद्र और पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के मुख्यमंत्री का भाखड़ा के पानी को लेकर दिया गया बयान न केवल निराधार है बल्कि हरियाणा के हितों के खिलाफ है। साथ ही उन्होंने कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह से विफल रही है।
माजरा ने कहा कि वर्ष 2022 में केंद्र सरकार द्वारा भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) की संचालन व्यवस्था में संशोधन कर हरियाणा के तकनीकी सदस्य के पद को समाप्त कर दिया गया, जबकि यह पद सिंचाई विभाग के एक अनुभवी इंजीनियर का होता था, जो जल वितरण की निगरानी करता था। उन्होंने दावा किया कि इसी बदलाव के चलते हरियाणा को BBMB से उसकी हिस्सेदारी के अनुरूप पानी नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य के अधिकांश क्षेत्र डार्क जोन में आ चुके हैं, और भाखड़ा से सिंचाई करने वाले इलाकों को अब 24 दिन में केवल एक बार पानी मिल रहा है। हरियाणा को जहां 36 एमएएफ पानी की जरूरत है, वहां केवल 14 एमएएफ ही मिल पा रहा है। नहरों में भी 25 प्रतिशत पानी की कमी है।
‘कांग्रेस भी चुप, केंद्र और पंजाब सरकारें जिम्मेदार’
माजरा ने कहा कि इस गंभीर मसले पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी चुप्पी साध रखी है। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने एसवाईएल मुद्दे पर हरियाणा के बजाय पंजाब का पक्ष लिया और अब दिल्ली में हार के बाद पंजाब में राजनीति कर रहे हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि रेणुका और किशाऊ जैसे महत्वपूर्ण जल परियोजनाएं आज तक पूरी नहीं हो सकीं, जबकि हरियाणा को पानी की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज भी पंजाब से 1600 क्यूसेक पानी पाकिस्तान जा रहा है, लेकिन पंजाब सरकार इस पर राजनीति कर रही है।
इनेलो का ऐलान: पानी के लिए सड़कों पर उतरेगी पार्टी
रामपाल माजरा ने घोषणा की कि इनेलो 5 से 7 मई तक प्रदेश के तीन जोनों — अंबाला, हिसार और गुरुग्राम — में पानी के मुद्दे को लेकर जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगी। इस दौरान केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन भी सौंपा जाएगा और बीबीएमबी में हरियाणा के लिए तकनीकी सदस्य की बहाली की मांग की जाएगी।
माजरा ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से अपील की कि वे पानी संकट को लेकर तुरंत केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग करें। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार समय रहते जरूरी कदम उठाने में असफल रही है, जिससे यह संकट और गहरा गया है।







