गुड़गांव। कांग्रेस नेता और मानेसर के पूर्व मेयर प्रत्याशी नीरज यादव ने मानेसर नगर निगम पर सफाई व्यवस्था में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निगम ने सफाई व्यवस्था के लिए 90 करोड़ रुपये का ठेका दिया था, जिसमें भारी अनियमितताएं सामने आई हैं।
नीरज यादव के अनुसार, ठेके की शर्तों के अनुसार ठेकेदार को सभी गांवों और सेक्टरों में सफाई कार्य के लिए 2200 कर्मचारियों की नियुक्ति करनी थी, लेकिन मात्र 485 कर्मचारियों को नियुक्त किया गया। रजिस्टर में करीब 700 कर्मचारियों का रिकॉर्ड दर्शाया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि फर्जीवाड़ा किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि ठेकेदार द्वारा नियुक्त कर्मचारियों को दो महीने से वेतन नहीं मिला है।
इसी कारण बीते दो-तीन दिनों से सैकड़ों सफाई कर्मचारी निगम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं। इस प्रदर्शन का नेतृत्व नगर पालिका संघ हरियाणा से संबद्ध संयुक्त कर्मचारी संघ की स्थानीय इकाई के प्रमुख अशोक कुमार सारसर, महेश कुमार, विनोद कुमार, प्रवीन कुमार, रवि कुमार खरलिया और राजेंद्र बहोत सहित अन्य पदाधिकारियों ने किया।
नीरज यादव और कर्मचारियों ने मंगलवार को नगर निगम कार्यालय का घेराव किया। मौके पर पहुंचे ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि ठेकेदार की अनियमितताओं की पुष्टि हो चुकी है और दो दिन पहले उस पर साढ़े चार करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगामी दो दिनों के भीतर सभी सफाई कर्मचारियों को उनका वेतन दे दिया जाएगा।
नीरज यादव ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि इसमें निगम के अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल पाए जाएं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।







