चंडीगढ़ | केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा हरियाणा से पाकिस्तानी नागरिकों को हटाने के आदेश के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने शुक्रवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में संबंधित विभागों को प्रभावी योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इस कार्य की ज़िम्मेदारी हरियाणा सीआईटी प्रमुख को सौंपी गई है।
राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में हरियाणा में लगभग 600 विदेशी नागरिक निवास कर रहे हैं, जिनमें से 459 पाकिस्तानी मूल के हैं और सभी हिंदू समुदाय से संबंध रखते हैं। इनमें से 375 नागरिक पहले ही भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन कर चुके हैं, जबकि शेष वीज़ा पर भारत में रह रहे हैं।
सबसे अधिक विदेशी नागरिक फरीदाबाद में रह रहे हैं, जहां 214 पाकिस्तानी नागरिकों के साथ 40 से अधिक अफगान, बांग्लादेशी और अन्य देशों के नागरिक भी शामिल हैं। पिछले वर्ष नागरिकता संशोधन अधिनियम के लागू होने के बाद राज्य में रहने वाले लगभग 18 पाकिस्तानी नागरिकों को भारतीय नागरिकता दी जा चुकी है। गृह विभाग के अनुसार, ये सभी नागरिक वीज़ा के माध्यम से भारत में रह रहे हैं और उनका वीज़ा नियमित रूप से नवीनीकृत किया जा रहा है। अधिकांश परिवार भारत-पाक विभाजन के तुरंत बाद हरियाणा आए थे और शरणार्थी के रूप में यहां रह रहे हैं।
नूंह समेत छह जिलों को संवेदनशील घोषित किया गया
हाल ही में पहलगाम में हुई आतंकी घटना के बाद सुरक्षा को लेकर राज्य में सतर्कता बढ़ा दी गई है। हरियाणा के छह जिलों—गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, झज्जर, यमुनानगर और जींद—को संवेदनशील घोषित किया गया है। 2023 में बृजमंडल यात्रा के दौरान इन जिलों में हिंसक घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें दो पुलिसकर्मियों सहित पांच लोगों की जान गई थी। नूंह जिले को अति-संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है।
पाकिस्तानी नागरिकों के लिए निर्धारित की गई अंतिम तिथि
गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, वीज़ा पर हरियाणा में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को राज्य छोड़ने के लिए 27 अप्रैल, 2025 तक का समय दिया गया है। चिकित्सा वीज़ा धारकों को 29 अप्रैल, 2025 तक की मोहलत दी गई है। यह समयसीमा दीर्घकालिक, राजनयिक या आधिकारिक वीज़ा धारकों पर लागू नहीं होगी।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने राज्य में कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए यह भी कहा कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला स्तर पर गश्त बढ़ाने, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने हरियाणा में पढ़ाई कर रहे कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए भी सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में 1,157 कश्मीरी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।
जिलावार पाकिस्तानी नागरिकों की स्थिति:
- फरीदाबाद: 214
- सिरसा: 68
- यमुनानगर: 57
- रोहतक: 28
- फतेहाबाद: 27
- अंबाला: 42
- अन्य जिलों में सीमित संख्या में पाकिस्तानी नागरिक निवासरत हैं।







