Karnal, 16 April-करनाल जिले में बने हैफेड के तीन गोदामो में 10 करोड़ रुपये का गेहूं खराब हो गया है। जानकारी अनुसार मौसम और भंडारण की स्थिति सही ना होने के कारण गेहूं में नमी आ गई, जिससे यह खराब हो गया।
गेहूं के रखरखाव के लिए हैफेड द्वारा करनाल जिले में गोदाम बनाये हुए है। जिसमे नेवल, असन्ध और नीलोखेड़ी के गोदाम में रखा करीब 10 करोड़ रुपए का गेहूं खराब हो गया है। इन गोदामों में लंबे समय से गेहूं रखी है। जानकारी मिली है कि इस गेहूं में सुरसरी लग जाने के कारण अब ये गेहूं नष्ट होने के कगार पर पहुंच गया है। हालात इतने खराब हो गये हैं कि सुरसरी अब गोदामों से बाहर आनी शुरू हो चुकी है, जिससे आसपास के इलाके में गेहूं में भी सुरसरी का खतरा है।
एक कट्टे का 18 किलो वजन घटा
जानकारी मुताबिक सुरसरि लगने से 50 किलो का कट्टा 32 किलो का रह गया है। जिले में करीब चार लाख गेहूं के कट्टे खराब होने का अनुमान है। दर असल एफसीआई ने जनवरी और फरवरी में गेहूं की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। गेहूं को अपग्रेड करने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन उसे समय के जिला महाप्रबंधक और जिम्मेदार कर्मचारियों ने इस काम के बारे में अनदेखी की। 4 अप्रैल को करनाल जिले के हैफेड जीएम अमित कुमार का तबादला हो गया। नए डीएम उधम सिंह ने कार्यभार संभाला तो कर्मचारी और लेवल गोदाम के पास रहने वालों ने गेहूं में सुरसरि होने की शिकायत दी इसके बाद जांच में गेहूं के खराब होने की पुष्टि हुई।
25000 क्विंटल गेहूं की हुई कमी, हैफेड अधिकारी जांच में जुटे
हैफेड के जी एम उधम सिंह ने बातचीत में बताया कि हेफड़ हेड आफिस को इस घटना की जानकारी दे दी गई है। जांच के लिए अधिकारियों की कमेटी बनाई गई है। जिले में करीब 25000 किवंटल गेहूं की कमी मानी जा रही है। सरकार के नियमों के अनुसार रिकवरी रेट 3900 प्रति क्विंटल है। उन्होंने बताया कि हैफेड गेहूं खरीद कर अपने गोदाम में रखता है। गोदाम में रखी गई गेहूं के रखरखाव वह देखभाल की जिम्मेदारी एक कंपनी को दी जाती है। इसके बावजूद हैफेड अधिकारियों की जिम्मेदारी भी होती है कि वे समय-समय पर निरीक्षण करें। लेकिन पिछले साल खरीदे गए गेहूं की कोई निगरानी नहीं की गई। नेवल गोदाम के पास रहने वालों ने बताया कि सुरसरि उनके घरों तक पहुंच गई है।







