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सिरसा में अब फर्जी BPL कार्ड बनवाने वाले पर कसेगा कानून का शिकंजा

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सिरसा 04 अप्रैल —-हरियाणा सरकार अब फर्जी तरीके से बनवाए गए बीपीएल धारकों के  खिलाफ अब कार्रवाई के मूड में दिखाई दे रही है।सरकार अब हरियाणा के सभी जिलों में सर्वे करवा रही है और बीपीएल कार्ड फर्जी पाए की स्थिति में अपात्र लोगों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश भी जिला प्रशासन के अधिकारियों को दे दिए है। जिला प्रशासन भी अब सरकार के आदेश की पालना में जुट गया है।
बता दे कि सिरसा जिले में फोर व्हीकल, खेती योग्य जमीन और अन्य आय के स्रोत रखने वाले अपात्र बीपीएल कार्डधारियों पर अब कार्रवाई होगी। नागरिक संशोधन सूचना विभाग ऐसे परिवारों की फैमिली आईडी की मैपिंग करवा रहा है। इसके साथ ही हाल ही में वोटर कार्ड में एडिटिंग कर बुढ़ापा पेंशन लेने के तीन मामले सामने आए थे। इन मामलों में एडीसी ने संबंधित एसपी को एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखा है। अब नागरिक संशोधन सूचना विभाग चंडीगढ़ ने निर्देश दिए हैं कि 20 अप्रैल तक पीपीपी में सही जानकारी दर्ज करवाई जाए। ऐसा न करने पर सरकारी योजनाओं के लाभ और सस्ते राशन की रिकवरी की चेतावनी दी गई है। बता दे कि सिरसा जिला में 2 लाख 70 हजार बीपीएल कार्ड धारक है। अब जिला प्रशासन के पास फर्जी तरीके से बनाए गए बीपीएल कार्ड और बुढ़ापा पेंशन को लेकर शिकायते भी आ रही है और खुद जिला प्रशासन के अधिकारी सर्वे करवा कर सही डाटा इक्क्ठा करने जुटा हुआ है ताकि सही मायने में पात्र व्यक्ति से बीपीएल के तहत सरकार की सुविधाओं का लाभ ले सके।
जिला परिषद के सीईओ और कार्यवाहक अतिरिक्त उपायुक्त डॉ सुभाष चंद्र ने बताया कि चंडीगढ़ मुख्यालय से मैसेज जारी हुए हैं। इसमें कहा गया है कि 20 अप्रैल के बाद फर्जी बीपीएल कार्डधारियों और गलत तरीके से लाभ लेने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। जिला प्रशासन के माध्यम से लोगों को पीपीपी में सही जानकारी दर्ज करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जिले में बीपीएल कार्डधारकों की फैमिली आईडी से आय, खेती योग्य जमीन, फोर व्हीकल, इनकम टैक्स रिटर्न और पेंशन की मैपिंग की जा रही है। इस प्रक्रिया में बुढ़ापा पेंशन में फर्जीवाड़े के तीन मामले सामने आए हैं। इनमें ओढ़ां के एक दंपति और बड़ागुढ़ा का एक व्यक्ति शामिल है। इन्होंने निर्धारित आयु से पहले दस्तावेजों में हेरफेर कर पेंशन लगवाई थी। वोटर आईडी कार्ड में आयु बढ़ाकर अपलोड करवाये थे। एक की वोटर कार्ड में आयु बुजुर्ग होने से करीब 4 साल कम होना बताया गया है। वहीं दो ने 2 से 3 साल बुढापा पेंशन शुरू करवानी चाही। हेराफेरी करने से तीनों बुजुर्ग की कैटेगरी में आये, लेकिन वेरिफिकेशन से इनकी पोल खुल गई। इसके बाद एडीसी ने सिरसा और डबवाली एसपी को एफआईआर दर्ज करने के लिए पत्र लिखा है।
इससे पहले काटे थे 9 हजार अपात्रों के बीपीएल। 
इससे पहले मैपिंग में 9 हजार अपात्र परिवारों के बीपीएल राशन कार्ड रद्द किए गए थे। इन परिवारों के पास 5 एकड़ से ज्यादा खेती योग्य जमीन, फोर व्हीकल और आय के कई स्रोत थे। इसके बावजूद ये लोग डिपो से सस्ता राशन लेते थे। कुछ लोग खुद को गरीब बताकर गेहूं, बाजरा और तेल लेने की सिफारिश करते थे। अब भी कई परिवार ऐसे हैं जो बीपीएल कार्ड सरेंडर नहीं करना चाहते। क्रीड विभाग अब इनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है।
ऐसे लोगों पर करवाई जा रही एफआईआर
फिलहाल 1.80 लाख रुपये सालाना से ज्यादा कमाने वाले परिवारों की मैपिंग जारी है। क्रीड विभाग की जांच और ऑनलाइन डेटा से ऐसे लोगों की पहचान हो रही है, जिन्होंने गलत तरीके से बीपीएल कार्ड बनवाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लिया। अब ऐसे लोगों पर एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है। जिनकी पेंशन गलत तरीके से लगी थी, उनकी पेंशन रोक दी गई है।
अपात्रों को खुद कार्ड या पेंशन सरेंडर करने की सरकार ने दी थी चेतावनी 
सरकार पहले ही फर्जी लाभार्थियों को खुद कार्ड या पेंशन सरेंडर करने की चेतावनी दे चुकी थी। लेकिन अब तक बहुत कम लोग सामने आए हैं। नागरिक संशोधन सूचना विभाग के पास 15 ऐसे लोगों की सूची जारी हुई है, जिन्होंने पहचान पत्र में आयु पूरी दिखाकर धोखे से बुढ़ापा पेंशन लगवाई। इनमें से तीन के खिलाफ एडीसी ने एफआईआर के लिए संबंधित एसपी को पत्र भेजा है। जिले में अब भी कई परिवार ऐसे हैं जिनके पास फोर व्हीकल, खेती योग्य जमीन और अन्य आय के स्रोत हैं, फिर भी वे बीपीएल कार्डधारी बने हुए हैं। विभाग ऐसे लोगों की फैमिली आईडी की मैपिंग करवा रहा है।

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