करनाल, 4 अप्रैल-किसान अब पारंपरिक खेती छोड़कर नकदी फसल की ओर ज्यादा रूख कर रहे है। ऐसे में अगर आप भी खेती से मोटी कमाई करना चाहते है तो रंगबिरंगी शिमला मिर्च की खेती शुरू कर सकते हैं। इस शिमला मिर्च से किसान मोटी कमाई कर सकते हैँ क्योंकि रंगीन शिमला मिर्च की डिमांड दिनों दिन तेजी से बढ़ती जा रही है।
उद्यान विभाग का सहयोग:
करनाल उद्यान विभाग की ओर से इंडो- इजरायल परियोजना के तहत बना सब्जी उत्कृष्ट केंद्र से किसान भाई इस खेती से सम्बंधित तमाम जानकारियां ले सकते है।यहां के वेजिटेबल विशेषज्ञ डॉ लवलेश बताते है जो भी किसान भाई इस प्रकार की खेती करना चाहते है तो उनके लिए हरियाणा सरकार उद्यान विभाग की तरफ से उनके द्वारा स्थापित किये हुए केंद्रों से पौध खरीदने पर 50 प्रतिशत सबसिडी दी जाती है। उन्होंने कहा कि कोई भी किसान प्रशिक्षण लिए वैगर इस किस्म की खेती ना करे। यूट्यूब या सोशल मीडिया पर अधूरी जानकारी से खेती करने पर किसान फसल को संभाल नही पाते और फिर उनको नुकसान झेलना पड़ता है।
रंगबिरंगी शिमला मिर्च के 5 रंग:
शिमला मिर्च 5 रंगों में मिलती हैं। इनमें लाल, पीली, बैंगनी, नारंगी और हरा रंग शामिल है लेकिन सबसे ज्यादा मांग लाल और पीली की ही रहती है।शिमला मिर्च बेहद कम लागत में होने वाली एक ऐसी फसल है, जिसे उगाकर कोई भी किसान मोटा कमा सकता है।
रंगबिरंगी शिमला मिर्च की खेती आपको देगी बंपर मुनाफा:
विशेषज्ञ डॉ लवलेश बताते है रंगबिरंगी शिमला मिर्च सलाद की प्लेटों में ज्यादा सजती है। शादीयों के सीजन के अलावा दिल्ली आजाद मंडी में इसकी भारी मांग रहती है । इसलिये इसकी खेती से किसानों को बंपर मुनाफा भी होता है। बदलते खेती के तरीकों के साथ अब किसान हरी के अलावा रंगबिरंगी शिमला मिर्च की खेती कर सकता है। शिमला मिर्च बेहद कम लागत में होने वाली एक ऐसी फसल है, जिसे उगाकर कोई भी किसान उसकी अच्छे से मार्केटिंग कर मोटा मुनाफा कमा सकता है।
कब और कैसे कर सकते है इसकी खेती:
विशेषज्ञ डॉ लवलेश ने बताया कि रंगबिरंगी शिमलामिर्च की खेती पोली हाउस और नेट हाउस में ही कि जाती है। सबसे पहले बीज से इसकी पौध तैयार की जाती है। अगस्त में महीने में इसको पॉलीहाउस में ट्रांसप्लांट कर दिया जाता है।उन्होंने बताया कि एक एकड़ में करीब 10 हजार पौध लगाई जा सकती है। ध्यान रहे एक एकड़ में बने नेट हाउस में 50 प्रतिशत लाल और 50 प्रतिशत पीली शिमला मिर्च की पौध लगाई जाए क्योंकि जब हम जोड़े में इस फसल को बेचने जाते है तो 20 से 30 रुपये इसका दाम ज्यादा मिलता है। उन्होंने बताया कि इसकी खेती में बीमारी की समस्या ना मात्र रहती है लेकिन कीट की समस्या आती है जिसको बड़े आसान तरीकों से कंट्रोल किया जा सकता है।उन्हीने बताया कि एक पौधे से डेढ़ से तीन किलो तक शिमला मिर्च की तुड़ाई हो जाती है।
रंगबिरंगी शिमला मिर्च की बाजार में कीमत:
विशेषज्ञ डॉ लवलेश के अनुसार अनुसार रंग-बिरंगी शिमला मिर्च बाजार में हरी शिमला मिर्च के मुकाबले काफी ज्यादा कीमत में बिकती हैं। लोकल मार्किट में रंगबिरंगी शिमला मिर्च का एवरेज रेट 100 से 120 रुपये और बड़ी मार्किट में 250 से 300 रुपये प्रति किलो मिल जाता है।इसलिए किसान अपनी फसल की बड़ी मंडी में ही मार्केटिंग करें तो ज्यादा मुनाफा कमा सकते है।
विशेषज्ञ डॉ लवलेश ने बताया कि रंगबिरंगी शिमलामिर्च की खेती पोली हाउस और नेट हाउस में ही कि जाती है। सबसे पहले बीज से इसकी पौध तैयार की जाती है। अगस्त में महीने में इसको पॉलीहाउस में ट्रांसप्लांट कर दिया जाता है।उन्होंने बताया कि एक एकड़ में करीब 10 हजार पौध लगाई जा सकती है। ध्यान रहे एक एकड़ में बने नेट हाउस में 50 प्रतिशत लाल और 50 प्रतिशत पीली शिमला मिर्च की पौध लगाई जाए क्योंकि जब हम जोड़े में इस फसल को बेचने जाते है तो 20 से 30 रुपये इसका दाम ज्यादा मिलता है। उन्होंने बताया कि इसकी खेती में बीमारी की समस्या ना मात्र रहती है लेकिन कीट की समस्या आती है जिसको बड़े आसान तरीकों से कंट्रोल किया जा सकता है।उन्हीने बताया कि एक पौधे से डेढ़ से तीन किलो तक शिमला मिर्च की तुड़ाई हो जाती है।
रंगबिरंगी शिमला मिर्च की बाजार में कीमत:
विशेषज्ञ डॉ लवलेश के अनुसार अनुसार रंग-बिरंगी शिमला मिर्च बाजार में हरी शिमला मिर्च के मुकाबले काफी ज्यादा कीमत में बिकती हैं। लोकल मार्किट में रंगबिरंगी शिमला मिर्च का एवरेज रेट 100 से 120 रुपये और बड़ी मार्किट में 250 से 300 रुपये प्रति किलो मिल जाता है।इसलिए किसान अपनी फसल की बड़ी मंडी में ही मार्केटिंग करें तो ज्यादा मुनाफा कमा सकते है।







