कुरुक्षेत्र, 2 अप्रैल-हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 3 अप्रैल को 24 घंटे की भूख हड़ताल करने का ऐलान किया है। यात्रियों की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए रोडवेज कर्मचारी प्रतिदिन की तरह अपना सचारू कार्य करेंगे ।कुरुक्षेत्र डिपो के 21 कर्मचारी 24 घंटे के लिए सांकेतिक भूख हड़ताल पर रहेंगे ।ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन 1947 के डिपो प्रदेश प्रेस प्रवक्ता व सचिव रंजीत करोड़ा ने बताया कि यह आंदोलन हरियाणा रोडवेज सांझा मोर्चा के नेतृत्व में होगा।
सरकार रोडवेज को निजी हाथों में सौंपने की साजिश रच रही
कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार रोडवेज को निजी हाथों में सौंपने की साजिश रच रही है। 2018 में 710 किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसें चलाई गईं, जिनकी औसत आय 10-11 रुपए प्रति किलोमीटर है, लेकिन उन्हें 32-33 रुपए प्रति किलोमीटर भुगतान किया जा रहा है, जिससे विभाग को भारी नुकसान हो रहा है।परिवहन मंत्री अनिल विज से कर्मचारियों को उम्मीद थी कि वे रोडवेज को घाटे से उबारेंगे, लेकिन इसके उलट सरकार ने प्राइवेट बसों को बढ़ावा देने का काम किया। हाल ही में 62 रुपए प्रति किलोमीटर किराए की इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई गई, जो घाटे का सौदा है। वहीं, निजी बसों के परमिट ऑनलाइन जारी कर दिए गए और उनकी परमिट फीस शून्य कर दी गई, जबकि नियमों के अनुसार न्यूनतम 25,000 रुपए फीस होनी चाहिए।
रंजीत करोड़ा हरियाणा रोडवेज प्रदेश प्रेस प्रवक्ता व सचिव ने कहा कि 1993 के बाद वर्कशॉप में मैकेनिकों की कोई भर्ती नहीं हुई, और कर्मचारियों के कई लाभ रोक दिए गए हैं। सरकार के साथ कई दौर की वार्ता के बावजूद, अधिकारी मांगों को लागू नहीं कर रहे। इसी कारण सांझा मोर्चा ने 3 अप्रैल से 6 मई तक अलग-अलग डिपो में, 12-13 मई को सभी डिपो में भूख हड़ताल और 8 जून को परिवहन मंत्री के आवास अंबाला में न्याय मार्च करने का फैसला किया है। कुरुक्षेत्र और पेहवा डिपो के सभी कर्मचारी इस आंदोलन में भाग लेंगे।







