करनाल, 2 अप्रैल-करनाल के बसताड़ा गांव में स्थित राजीव गांधी ग्रामीण खेल परिसर की बदहाल हालत को देखते हुए हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गोयल ने सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने स्टेडियम का निरीक्षण किया और पाया कि बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है, खेल मैदान पूरी तरह से अनुपयोगी है, और बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इस पर उन्होंने खेल विभाग के अधिकारियों को दो महीने के अंदर सभी खामियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि तय समय में यहां खेल नर्सरी चालू होनी चाहिए और कोच उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इसके अलावा, जो भी अधिकारी इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा उसको बख्शा नही जाएगा।
सरपंच सुरेश फौजी ने खेल विभाग की अनदेखी को लेकर दी थी शिकायत
दरअसल बसताड़ा गांव के सरपंच सुरेश फौजी ने खेल विभाग की अनदेखी को लेकर शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद खेल मंत्री ने स्टेडियम का दौरा किया और हालात देखकर नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर ही खेल विभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और सुविधाओं की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
बातचीत में सरपंच सुरेश फौजी ने बताया कि पंचायत ने अपने स्तर पर स्टेडियम में कुछ सुधार कार्य कराए थे और विभाग को भी हर संभव मदद दी थी। लेकिन, खेल विभाग ने कोई विशेष रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के कोच अपनी जिम्मेदारियों को छोड़कर प्राइवेट स्कूलों में सेवाएं देना अधिक पसंद करते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के खिलाडी दिशाहीन हो रहे है।बसताड़ा गांव का यह खेल परिसर करीब 20 साल पहले बनाया गया था। शुरुआती वर्षों में यहां खेल गतिविधियां सुचारू रूप से चल रही थीं, लेकिन धीरे-धीरे इसकी स्थिति खराब होती गई। पिछले ढाई साल से यहां खेल मैदान ही नहीं है। बास्केटबॉल कोर्ट के पोल नीचे गिरे पड़े हैं, वॉलीबॉल ग्राउंड के नाम पर सिर्फ दो पोल लगे हैं, पानी और बिजली की कोई सुविधा नहीं है।स्टेडिम का अंदर से जनाजा निकला हुआ है।कुछ साल पहले यहां बॉक्सिंग कोर्ट और जिम की सुविधा भी दी गई थी, लेकिन अब न तो बॉक्सिंग कोर्ट बचा है और न ही जिम का सामान। खिलाड़ियों के लिए बनाए गए शौचालय भी टूट चुके हैं और पूरे खेल परिसर की मेंटेनेंस न होने के कारण यह सिर्फ नाम का मैदान बनकर रह गया है। इस मामले को काईबार अधिकारियों के संज्ञान में भी लाया गया किन्तु कोई सुनवाई नही हुई।
मंत्री ने ली अधिकारियों की क्लास
वहीं खेल मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि दो महीने के अंदर स्टेडियम में7 खेल नर्सरी शुरू होगी और खिलाड़ियों के लिए कोच भी उपलब्ध कराए जाएंगे। यदि तय समय में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।







