गुड़गांव | हेलो, मैं गुड़गांव पुलिस से बोल रहा हूं। आपका खोया हुआ मोबाइल मिल गया है, कृपया डीसीपी कार्यालय आकर ले जाएं।” जब ऐसे कॉल लोगों को मिले, तो पहले तो उन्हें यकीन नहीं हुआ, लेकिन जब वे डीसीपी कार्यालय पहुंचे और अपना गुम हुआ मोबाइल वापस पाया, तो उनके चेहरे पर खुशी और राहत दोनों साफ दिखाई दी।
गुड़गांव पुलिस ने मार्च और अप्रैल 2025 के दौरान गुम हुए कुल 154 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिए हैं। इन सभी मोबाइल की कुल कीमत लगभग 45 लाख रुपए आंकी गई है।
साइबर सेल और तकनीक की मदद से मिली सफलता
डीसीपी वेस्ट करण गोयल ने बताया कि गुड़गांव पुलिस के चारों ज़ोन—पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और मानेसर की साइबर सेल टीमों ने नागरिकों की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल और तकनीकी मदद से इन मोबाइल्स को ट्रैक कर बरामद किया।
उन्होंने बताया कि आज सभी मोबाइल फोन उनके असल मालिकों को डीसीपी कार्यालय में बुलाकर लौटाए गए हैं।
मोबाइल सिर्फ डिवाइस नहीं, भावनाओं से जुड़ा होता है
डीसीपी करण गोयल ने कहा कि आज के समय में मोबाइल फोन सिर्फ संचार का साधन नहीं, बल्कि लोगों की व्यक्तिगत जानकारियों, जरूरी दस्तावेज़ों और भावनाओं से जुड़ा माध्यम बन चुका है। ऐसे में फोन खोने पर लोगों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
CEIR पोर्टल से कैसे करें मदद की मांग
CEIR पोर्टल दूरसंचार विभाग की एक जनहित केंद्रित सेवा है, जहां कोई भी व्यक्ति अपने खोए या चोरी हुए मोबाइल का IMEI नंबर ब्लॉक कर सकता है। इसके लिए संबंधित थाना में शिकायत दर्ज करवाकर www.ceir.gov.in पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है।
गुड़गांव पुलिस की जनता से अपील
गुड़गांव पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अगर किसी का मोबाइल गुम हो जाए, तो वह तुरंत संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल पर IMEI नंबर दर्ज कर फोन को ट्रेस करवाने की प्रक्रिया शुरू करें।







