अम्बाला, 31 मार्च-अंबाला छावनी में स्थित 170 साल पुरानी जामा मस्जिद में आज ईद के त्यौहार पर मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज अता की और एक दूसरे के गले मिलकर त्यौहार मनाया। इस अवसर पर मस्जिद में भारी संख्या में लोग जमा हुए थे, जिन्होंने ईद की नमाज अता की और अल्लाह का शुक्रिया अदा किया। नमाज के बाद लोगों ने एक दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और त्यौहार की शुभकामनाएं दीं।
इस मौके पर मस्जिद के इमाम ने लोगों को ईद के महत्व और इसके पीछे की कहानी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ईद एक ऐसा त्यौहार है जो मुसलमानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह रमजान के महीने के अंत में आता है और मुसलमानों के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि ये मस्जिद लगभग 170 साल पुरानी हैं जब से छावनी बनी थी ! उन्होंने कहा कि उनके एक माह तक लगातार रोजे होते हैं और ये रोजे कल ही खुले हैं और आज ईद का त्यौहार मनाया जा रहा हैं ! उन्होंने कहा कि वे अपने देश के लिए दुआ करते हैं कि सब जगह सुख शांति रहे !इस अवसर पर लोगों ने अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर ईद का त्यौहार मनाया और एक दूसरे को उपहार दिए। बच्चों ने नए कपड़े पहने और ईद के रूप में पैसे और उपहार प्राप्त किए। वही नमाज अता करने आयेसमाज के लोगो ने कहा कि ये ये त्यौहार भाई चारे का त्यौहार हैं. उन्होंने कहा कि एक माह के रोजे रखने के बाद फिर आज ये त्यौहार मनाया जाता हैं !







