करनाल | जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के घर ऑल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह बिट्टा पहुंचे। बिट्टा ने शहीद के परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना जताई। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि आज वह शहीद के परिवार के बीच शोक संवेदना प्रकट करने आए हैं।
बिट्टा ने कहा कि अब समय आ गया है जब हमें सब कुछ देश के प्रधानमंत्री पर छोड़ देना चाहिए। उन्होंने इजराइल का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीयों को भी उसी तरह एकजुट होकर राष्ट्रहित में सोचना होगा। पाकिस्तान की बढ़ती हरकतों पर बिट्टा ने सख्त तेवर दिखाते हुए कहा कि पाकिस्तान अब हदें पार कर चुका है और देश को जंग के लिए तैयार रहना चाहिए।
“अब मौत का कफन बांधने का समय है“
मनजिंदर सिंह बिट्टा ने कहा, “अब मौत का कफन बांधने का वक्त आ गया है। प्रधानमंत्री जो भी फैसला लें, चाहे उसका असर जनता पर पड़े या न पड़े, सबसे पहले राष्ट्र सर्वोपरि होना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को अब ऐसा सबक सिखाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियों को आतंकवाद से मुक्त भारत मिल सके।
बिट्टा ने भावुक होते हुए बताया कि शहीद विनय नरवाल की शादी महज छह दिन पहले हुई थी और अब उनकी पत्नी विधवा हो गई है। उन्होंने कहा कि हमें फिर से ऐसे दृश्य देखने को मजबूर न होना पड़े, इसके लिए कठोर कदम उठाने होंगे।
सीमा पर जवान की गिरफ्तारी पर बोले बिट्टा
बिट्टा ने बताया कि पिछले 80 घंटे से एक भारतीय जवान गलती से सीमा पार कर पाकिस्तान चला गया है और वहां पाकिस्तानी सेना की हिरासत में है। उन्होंने भरोसा जताया कि जवान सुरक्षित वापस आएगा और कहा कि यह वक्त सरकार पर दबाव बनाने का नहीं है, बल्कि संयम से काम लेने का है।
स्थानीय सुरक्षा में चूक पर सवाल उठाए
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बिट्टा ने कहा कि स्थानीय सरकार की ओर से चूक हुई है। जब इतनी संख्या में लोग एकत्र होते हैं तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए थे। उन्होंने पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में लोकल इंटेलिजेंस की भूमिका अहम होती है और इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
बिट्टा ने स्पष्ट कहा कि अब समय आ गया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करे ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसे दोहराए न जाएं।







