Home Haryana सेंट्रल वॉटर कमिशन की टीम जायाजा लेने के लिए अगले महीने...

सेंट्रल वॉटर कमिशन की टीम जायाजा लेने के लिए अगले महीने पहुंचेगी हथिनीकुंड बैराज

181
0
यमुनानगर,21 मार्च- उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड की सीमा के साथ लगते यमुनानगर जिले के हथिनीकुंड बैराज पर 146 करोड़ की लागत से बन रहे डायाफ्रॉम का काम जारी है। हाथनीकुण्ड बैराज पर चंडीगढ़ से सिंचाई विभाग के अधिकारी निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे अगले महीने के पहले हफ्ते में सेंट्रल वॉटर कमिशन की टीम भी जायाजा लेने के लिए पहुंचेगी।
हथिनीकुंड बैराज पर 146 करोड़ की लागत से बन रही डायाफ्राम फ्रॉम वॉल का कार्य जारी है। 18 मार्च को चंडीगढ़ से सिंचाई विभाग के अधिकारी हथिनीकुंड बैराज के काम का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने यमुनानगर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कुछ जरूरी दिशा निर्देश भी दिए। हालांकि टीम सिंचाई विभाग के इस काम से संतुष्ट नजर आई।
यमुनानगर सिंचाई विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर आर.एस मित्तल ने बताया कि  अप्रैल के पहले सप्ताह में सेंट्रल वॉटर कमिशन की टीम भी हथिनीकुंड बैराज पर काम का जायाजा लेने के लिए पहुंचेगी। चंडीगढ़ से आई सिंचाई विभाग की टीम ने हमें दिशा निर्देश दिए हैं कि सेंट्रल वाटर कमीशन के साथ मिलकर काम को और बेहतर बनाया जाए। सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर ने बताया कि डायाफ्रॉम वॉल में स्टील की केज लगनी है उसकी क्षमता कितनी रखनी है इसे सेंट्रल वॉटर कमिशन की गाइडलाइन के बाद  अमल में लाया जाएगा।आर.एस मित्तल ने बताया कि डायाफ्राम वाल की मजबूती के लिए ए.आई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की निगरानी में भी काम किया जाएगा ताकि काम की गुणवत्ता बेहतर हो सके। इस काम को 30 जून तक हर हालत में पूरा करना है। क्योंकि उसके बाद मानसून सीजन शुरू हो जाता है और हिमाचल और उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में होने वाली बारिश के बाद काम बाधित हो जाता है। आपको बता दे की हाथनीकुंड बैराज पर पहली बार डायाफ्रॉम वाल बनाई जा रही है ताकि हाथनीकुंड बैराज का स्ट्रक्चर मजबूत बना रहे। गौरतलब है कि हथिनीकुंड बैराज का काम साल 1996 में शुरू होकर साल 1999 में पूरा हुआ था। इतने बड़े स्तर पर 25 साल बाद काम किया जा रहा है। काम का निरीक्षण करने के लिए श्रुति चौधरी भी हाथनीकुंड बैराज आई थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here