हिसार, 5 मार्च –हिसार के सेकटर 14 के रहने वाले एर्कीटैकट गोकुल गोयल ने बिजली की बचत करने और गर्मी से राहत पाने के लिए अनूठा नायाब तरीका बनाया है.मिट्टी के कुल्हड़ों से छत बना दी है और इससे बिजली की बचत और गर्मी से काफी बचाव हो रहा है। इस छत के बनने से गोकुल गोयल का चालीस प्रतिशत बिजली बचत हो रही है । नए मकान बनाने वाले लोग इस तरीके को इस्तेमाल करे इससे बिजली की बचत होगी और गर्मी से राहत मिलेगी ।
घर को र तेज धुप से बचने के लिए बांस का छज्जा किया तैयार
गोकुल गोयल ने घर पर तेज धुप से बचने के लिए बांस का छज्जा तैयार कर दिया. साथ ही नीचे से ऊपर पूरे घर को ठंडा रखने के लिए एग्जॉस्ट तैयार किया है.यह एग्जॉस्ट घर की गर्म हवा को बाहर निकाल देते है।हिसार के सेक्टर चौदह के रहने वाले गोकूल गोयल ने दस दो कक्षा की पढ़ाई करने के बाद दिल्ली मेें एर्कीटेकट की डिग्री हासिल की।पढाई के दौरान सिखाया जाता था कि आपको कुछ नया करना है.नए ढंग से कुछ प्रस्तुत करना तभी आपकी पहचान बनेगी। कोरोना काल में लोकडाउन लगने के बाद गोकुल गोयल हिसार आ गए थे, उनका हिसार के सेक्टर चौदह में ढाई सौ गज का मकान है.दूसरी मंजिल छत पर साढे छह से सकवेयर स्थान खाली स्थान कुल्हड की छत बनाने का आईडिया आया है।
सात हजार मिट्टी के कुल्हड़ मंगवाए
गोकूल गोयल ने सबसे पहले सात हजार मिट्टी के कुल्हड़ मंगवाए.प्रति कुल्हड़ की कीमत चार हजार रुपये थे.दूसरी मंजिल की छत को बनाने के लिए वाटर प्रूफिंग की गई.जिसमें तीन दिन तक छत पर पानी खड़ा रखा गया है.इसके बाद पानी को सुखाया गया है और फिर प्रोरेटेशन प्लास्टर किया गया इसके बाद उल्टे मुंह करके कुल्हड़ों को रखा और बाद में कुल्हड़ों पर जाली लगाकर कंक्रीट में पैक किया गया । इसके बाद छत पर चाइनिज टूुकडियों को सफेद सीमेंट लगाकर कर छत को पैक कर दिया गया।
बिजली की काफी बचत, साठ प्रतिशत बिजली में राहत
गोकुल ने बताया कि इससे गर्मी में बिजली से बचाव होता है और न ही कभी छत पर लीकेज होने का खतरा है.यह गर्मी की हिट से बचाव करता है।गोकुल गोयल के अनुसार कुल्हड़ों की छत से उनका चार पांच डिग्री के तापमान का अंतर आ गया है इससे एससी पंखे की बिजली की बचत आने लगी है। उन्होंने बताया कि कुल्हड़ की छत बनने से उन्हे साठ प्रतिशत बिजली में राहत मिल रही है साथ ही गर्मी से बचाव हो रहा है.







