करनाल, 21 जनवरी –करनाल उत्तर प्रदेश पुलिस की एस.टी.एफ. और बदमाशों के बीच बीती रात थाना झिंझाना क्षेत्र, जिला शामली में भयंकर मुठभेड़ हुई। इस दौरान एस.टी.एफ. मेरठ के इंचार्ज इंस्पेक्टर सुनील कुमार पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी.जिसमें सुनील कुमार के हाथ और पेट में कई छर्रे लगे। गंभीर रूप से घायल इंस्पेक्टर को रात 12:30 बजे के करीब करनाल के अमृतधारा हॉस्पिटल लाया गया। शुरुआती इलाज के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए रात करीब 2:00 बजे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सतीश कुमार के बदमाशों से निकटता पर सवाल खड़े
मुठभेड़ में मारे गए एक बदमाश की पहचान सोनीपत के शेखपुरा गांव के रहने वाले सतीश कुमार के रूप में हुई। सतीश 2015 से करनाल के मधुबन इलाके की अशोक विहार कॉलोनी में रह रहा था। उसके पिता राज सिंह हरियाणा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर थे और एचएपी में ड्रिल इंस्ट्रक्टर के पद पर कार्यरत थे। 2017 में राज सिंह का निधन हो चुका है। सतीश की पत्नी पूनम का देहांत चार साल पहले हो गया था।सतीश कुमार के नाम पर पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था, लेकिन सूत्रों के अनुसार वह पुलिस का मुखबिर था। उसने कई बार पुलिस को गौ-तस्करी और अन्य मामलों की महत्वपूर्ण जानकारियां दी थीं। हालांकि सतीश पर किसी भी अपराध का रिकॉर्ड नहीं था, लेकिन उसकी बदमाशों से निकटता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वह किन हालातों में मुठभेड़ में फंसा, यह जांच का विषय है।
वहीं इंस्पेक्टर सुनील कुमार की हालत नाजुक थी, लेकिन करनाल पुलिस और एस.टी.एफ. की सतर्कता और समय पर लिए गए फैसलों ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। करनाल से गुरुग्राम तक की यात्रा में हर कदम पर एक-एक सेकंड कीमती था, और एसपी गंगा राम पूनिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अपनी मानवीयता और फर्ज दोनों निभाए।







