करनाल, 24 अगस्त -पूर्व में रहे हरियाणा एसजीपीसी के प्रधान ने हरियाणा एसजीपीसी में सरकार की दखलंदाजी को लेकर सवाल उठाए हैं.एसजीपीसी हरियाणा के पूर्व प्रधान जगदीश सिंह जिंदा ने बताया की 22 साल के लंबे संघर्ष के बाद हरियाणा सिख प्रबंधक कमेटी बनी लेकिन यह कमेटी सरकार के हाथों में चली गई। अब सरकार से गुरु घर के अंदर से सरकारी प्रबंधों को हटाने के लिए आने वाली 1 सितंबर को करनाल स्थित शहीद बाबा जंग सिंह गुरुद्वारा में शिरोमणि अकाली दल के झंडे के नीचे भारी संख्या में सिख समाज द्वारा को इक्कठा किया जा रहा है। उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा हम नहीं चाहते कि ननकाना साहब के अंदर हुई घटना को दोबारा से दोहराया जाए। आने वाली 1 नवंबर को सरकार हरियाणा एसजीपीसी के चुनाव की घोषणा करें।
एसजीपीसी हरियाणा के पूर्व प्रधान जगदीश सिंह जिंदा ने सरकार को चेताते हुए कहा कि अगर सरकार 1 नवंबर को चुनाव की घोषणा नहीं करती है तो ननकाना साहिब में हुई घटना की तरह यहां भी ऐसा ही कुछ हो सकता है , अब आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।उन्होंने बताया कि आचार संहिता लगने के बाद जिस प्रकार सरकारी काम में पार्टियों की दखलअंदाजी खत्म हो जाती है। वैसे ही अब गुरुद्वारों में पुरानी कमेटी डिजॉल्व हो चुकी है ओर नई कमेटी पर कोर्ट का स्टे लगा है। गुरुद्वारों का प्रबंधन अब दुरुद्वारो के स्थायी कर्मचारी ही देखेंगे।
शिरोमणि पंथक अकाली दल हरियाणा की टीम अध्यक्ष भूपेंद्र लाडी ने बताया कि सरकार हमारी मांग की सुनवाई नही कर रही है। सरकार द्वारा पिछले लंम्बे समय से हरियाणा के गुरुघरों पर अपना कब्जा जमाए हुए है।हमारे द्वारा सरकार से कई बार प्रार्थना की जा चुकी है कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव करवाये जाए। अब आने वाली 1 सितम्बर को पूरे हरियाणा से सिख समाज इक्कट्ठा हो आगे की रणनीति बनाएंगा।







