चंडीगढ़। हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के साथ ही मौसम में बदलाव साफ नजर आने लगा है। मंगलवार को राज्य के दक्षिणी और मध्य जिलों में हल्की बरसात हुई, जबकि कई इलाकों में दिनभर बादल छाए रहे। बादलों और बिखरी बूंदाबांदी की वजह से लोगों को उमस और दिन की गर्मी से राहत मिली। अधिकतम तापमान में भी करीब 3.5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई।
आज भी बदल सकता है मौसम का रुख
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को भी पश्चिमी विक्षोभ का असर बना रहेगा। हालांकि बारिश की संभावना सीमित है, लेकिन आसमान में आंशिक बादल और ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 24 घंटों में तापमान और गिर सकता है।
मौसम विशेषज्ञों ने बताई वजह
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार:
- पश्चिमी विक्षोभ के कारण पूर्वी और मध्य राजस्थान में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।
- अरब सागर में एक सक्रिय निम्न दबाव प्रणाली विकसित है।
- बंगाल की खाड़ी से चक्रवाती हवा का क्षेत्र भी सक्रिय है।
इन सभी मौसम प्रणालियों के चलते उत्तरी भारत की जलवायु प्रभावित हुई है, लेकिन विक्षोभ कमजोर होने के कारण हरियाणा में इसका असर सीमित रहा।
प्रदेशभर में अलग-अलग मौसम के हालात
मंगलवार को विभिन्न जिलों में अलग-अलग स्थितियां देखने को मिलीं:
| क्षेत्र | मौसम की स्थिति |
| दक्षिणी हरियाणा (महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नूंह) | हल्की बारिश |
| मध्य हरियाणा (झज्जर, रोहतक, सोनीपत) | बादल और ठंडी हवाएं |
| पश्चिमी हरियाणा (भिवानी, हिसार, सिरसा) | बादल छाए रहे, बारिश नहीं |
| उत्तरी हरियाणा (पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर) | मौसम सामान्य |
हवाओं की दिशा में भी लगातार बदलाव देखा गया—कभी उत्तर-पश्चिमी तो कभी दक्षिण-पूर्वी हवाएं बहती रहीं।
तापमान और घटेगा, बढ़ेगी ठंड
मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि पर्वतीय इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर जल्द ही मैदानी इलाकों में भी दिखने लगेगा। आने वाले दिनों में:
- सुबह-शाम ठंड का एहसास बढ़ेगा
- अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट जारी रहेगी
- कई स्थानों पर कोहरे की शुरुआत भी हो सकती है







