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हरियाणा NCR दिल्ली में ठंड का ट्रिपल अटैक.. 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवाएं

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27 दिसंबर, हिसार–  हरियाणा प्रदेश में देर रात से बारिश हो रही है. बारिश होने से किसानो को फसलो में फायदा मिलेगा। हिसार में आज सुबह बारिश हुई और  लगातार एक घंटे तक बूंदाबादी चलती रही। इसके अलावा हरियाणा में रोहतक, रेवाडी, महेद्र गड, सिरसा फतेहाबाद, झज्जर पानीपत सोनी पात में बारिश हो रही है। बारिश के कारण ठिठुरन जैसी ठंड  हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार ओले गिरने की भी संभावाना है।
बता दें कि उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर बर्फबारी का असर मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर साफ़ तौर पर देखने को मिल रहा है. हाड़ कंपा देने वाली ठंड का लगातार सिलसिला जारी है । सम्पूर्ण इलाके में ठंड का असली रूप देखने को मिल रहा है और आने वाले दिनों में ठंड अपने रौद्र रूप अख्तियार करेंगी। मौसम विशेषज्ञ डॉ चंद्र मोहन ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में हरियाणा एनसीआर दिल्ली में ठंड का ट्रिपल अटैक देखने को मिल रहा है. आने वाले दिनों में ठंड अपने तेवरों को और अधिक प्रचण्ड बनाएगी। अलावों और गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करने को मजबूर कर दिया है। इस मौसम प्रणाली का हरियाणा एनसीआर दिल्ली में  उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों पर अधिक देखने को मिलेगा। हरियाणा एनसीआर दिल्ली 26-28 को 50- 60 %हिस्सों पर असर देखने को मिलेगा.उसके बाद एक बार फिर से बर्फिली हवाओं से मौसम की चरम परिस्थितियां देखने को मिलेगी । मौसम विभाग ने सम्पूर्ण इलाके में येलो और  27 दिसंबर के लिए आरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. इस मौसम प्रणाली का असर 27 दिसंबर को अधिक रहेगा। हरियाणा प्रदेश में देर रात से बारिश हो रही है.
कृषकों के लिए विशेष सलाह –
1.गेहूं एवं सरसो में सिंचाई को स्थगित करें ताकि फसल गिरने से बचे; रोगों को रोकने के लिए अनुशंसित फफूंदनाशकों का छिड़काव करें।
2.चने के पौधों को सहारा देने के लिए बांस का उपयोग करें, फफूंद संक्रमण रोकने के लिए सुरक्षात्मक फफूंदनाशकों का छिड़काव करें।
3. यदि फसलें परिपक्कता के करीब हैं, तो जल्दी कटाई करें ताकि नुकसान को कम किया जा सके।
4.ओलावृष्टि के बाद नियमित रूप से खेतों का निरीक्षण करें, नुकसान का आकलन करें और समय पर सुधारात्मक उपाय करें।
5.ऑर्किड/बागवानी फसलों जैसे संतरा, जामुन, फूल, सब्जियां आदि में हेलनेट का उपयोग करें।
6.शीत लहर के दौरान प्रकाश और लगातार सिंचाई प्रदान करे। स्प्रिंकलर सिंचाई से शीत लहर के प्रभाव को कम करने में सहायता मिलेगी।
7.शीत लहर के दौरान पौधों के मुख्य तने के पास मिट्टी को काली या चमकीली प्लास्टिक शीट, घास फूस या सरकंडे की घास से ढंके। यह विकिरण अवशोषित कर मिट्टी को ठंडी में भी गर्म बनायें रखता
8. कम तापमान के पूर्वानुमान के कारण रबी की फसलों में पाला पड़ने की संभावना है। इसलिए फसलों को पाले से बचाने के लिए रात में स्प्रिंकलर से हल्की सिंचाई करें, खेत में धुआं पैदा करने के लिए खेत की मेड़ में कचरा जलाएं
आमजन कोहरे से बचने के लिए ये उपाय अपनाएं:
1.कोहरे में वाहन चलाते समय गति धीमी रखें और अतिरिक्त समय लें।
2.लो-बीम हेडलाइट का इस्तेमाल करें। अगर आपके पास फ़ॉग लाइट है, तो उसका इस्तेमाल करें।
3.हाई-बीम लाइट का इस्तेमाल न करें।
4.आगे वाले वाहन से पर्याप्त दूरी रखें.
5.सड़क पर बनी रेखाओं का अनुसरण करके उचित लेन में रहें।
6.घने कोहरे में, किसी सुरक्षित जगह पर रुक जाएं।
अगर कोई पार्किंग स्थल नहीं है, तो सड़क के किनारे जितना संभव हो सके उतना दूर जाए।
7.कोहरे में निकलते समय मास्क पहनें।मास्क बहुत चुस्त या ढीला न हो।
8.फ्लैक्सिबल मास्क पहनें।
जान है तो जहान है कृपया कोहरे में यात्रा से बचें और अपनी और परिवार को बचाए

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