यमुनानगर,15 दिसम्बर —यमुनानगर के पीर माजरा के सुभाष की साढ़े 5 महीने बाद मौ.त हो गई। सुभाष के परिजनों ने नामी प्राइवेट स्कूल प्रबंधन को मौ.त का जिम्मेदार ठहराया है। परिवार का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने उनका आधा अधूरा इलाज कराया इसके बाद हम इलाज के लिए दर-दर भटकते रहे और कल देर शाम उनकी मौत हो गई।यमुनानगर के नामी प्राइवेट स्कूल स्वामी विवेकानंद लोटस वैली के कर्मचारी सुभाष की मौ.त हो गई है। सुभाष की मौ.त के लिए उसका परिवार स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहरा रहा है।
स्कूल प्रबंधन पर कर्मचारी का आधा अधूरा इलाज कराने का आरोप
बताया जा रहा है कि 2 अगस्त को बस हेल्पर सुभाष क्रेन की मदद से लोहे का पाइप उखाड़ रहा था अचानक उसके पेट में जा लगा। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने उसे अपने अस्पताल में भर्ती कराया। जब सुभाष के दूसरे ऑपरेशन का नंबर आया तो स्कूल प्रबंधन ने हाथ खड़े कर दिए। परिवार का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने कहा कि हमने सुभाष के इलाज में 10 लाख रूपए लगा दिया है अब हम इसका दोबारा इलाज नहीं करा सकते। इसके बाद परिवार कभी यमुनानगर के सिविल अस्पताल, अंबाला तो कभी चंडीगढ़ पीजीआई इलाज के लिए ले जाता रहा। कल शाम सुभाष ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिवार के लोगों ने कहा कि स्कूल की बदनामी ना हो इसके लिए स्कूल प्रबंधन ने पुलिस थाने नहीं जाने दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सुभाष का ट्रीटमेंट सही समय पर होता रहता तो शायद आज सुभाष हमारे बीच होता। पीड़ित परिवार ने जगाधरी थाने में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दी इसके बाद पुलिस ने स्कूल के प्रिंसिपल और क्रेन ऑपरेटर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी राजेंद्र ने बताया कि परिवार के लोगों को स्कूल ने थाने में शिकायत नहीं देने दी। अब हमने स्कूल के प्रिंसिपल के ऑपरेटर के खिलाफ केस कर दिया है और आगे कार्रवाई शुरू कर दी है।







