गोहाना। देर रात हुई बारिश के बाद गोहाना के सेक्टर-7 में जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई, जिससे नगर प्रशासन की तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के प्रमुख और विकसित रिहायशी क्षेत्रों में शामिल सेक्टर-7 की कई सड़कें शुक्रवार सुबह तक पानी में डूबी रहीं, जिसके चलते स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सुबह जब लोग अपने घरों से बाहर निकले तो क्षेत्र की कई सड़कें तालाब जैसी दिखाई दीं। जगह-जगह पानी जमा होने के कारण पैदल राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और नौकरीपेशा लोगों को आवागमन में दिक्कतें झेलनी पड़ीं। कई स्थानों पर लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा।
स्थानीय पार्षदों और निवासियों का कहना है कि मानसून की औपचारिक शुरुआत से पहले हुई एक बारिश ने ही ड्रेनेज सिस्टम की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। उनका मानना है कि यदि आगामी दिनों में लगातार बारिश होती है तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि हर वर्ष बारिश के मौसम में इसी तरह की समस्या सामने आती है, लेकिन इसके स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते। बुजुर्गों, बच्चों और कार्यालय जाने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण कई जगहों पर आवाजाही प्रभावित रही और लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली।
सेक्टर-7 गोहाना का एक प्रमुख रिहायशी क्षेत्र माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में परिवार निवास करते हैं। इसके बावजूद यहां जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मानसून के दौरान संभावित संकट से बचने के लिए ड्रेनेज व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की जाए और आवश्यक सुधार कार्य शुरू किए जाएं।
निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो आगामी मानसून में हालात और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान सुनिश्चित करने और जलभराव की समस्या से राहत दिलाने की मांग की है।







