गुरुग्राम-:देश-दुनिया में साइबर सिटी के नाम से मशहूर गुरुग्राम इन दिनों गंदगी की गंभीर समस्या से जूझ रहा है।हरियाणा के सबसे समृद्ध नगर निगमों में गिने जाने वाला गुरुग्राम नगर निगम अब खुद बदहाल नजर आ रहा है।सिविल लाइन स्थित नगर निगम मुख्यालय के बाहर कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। हालत यह है कि निगम कार्यालय का मुख्य प्रवेश द्वार किसी डंपिंग साइट जैसा दिखाई दे रहा है।
दरअसल,पिछले 12 दिनों से सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। विरोध प्रदर्शन के तहत कर्मचारियों ने नगर निगम दफ्तर के बाहर ट्रॉलियों में भरकर कूड़ा डाल दिया। कर्मचारियों का कहना है कि कई वर्षों से उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है,जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।सिर्फ निगम कार्यालय ही नहीं,बल्कि शहर के कई सेक्टरों और कॉलोनियों में भी गंदगी का अंबार देखने को मिल रहा है।जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी बदबू और बीमारियों के खतरे को लेकर चिंतित हैं।सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि वे वर्ष 2014 से लगातार सरकार और प्रशासन के सामने अपनी मांगें रख रहे हैं,लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में समान काम के लिए समान वेतन, ठेका प्रथा समाप्त करना, कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करना और वेतन वृद्धि शामिल है। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।करोड़ों के बजट वाले गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। शहर की पहचान और स्वच्छता दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब निगाहें सरकार और प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर कब इस संकट का समाधान निकलेगा और कब गुरुग्राम को गंदगी से राहत मिलेगी।







