चंडीगढ़। भीषण गर्मी और लगातार पड़ रही लू के बीच हरियाणा में गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात मौसम ने अचानक करवट ले ली। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से पहुंची नमी के प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी, गरज-चमक, ओलावृष्टि और बारिश का दौर देखने को मिला। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश के कारण नुकसान की घटनाएं भी सामने आई हैं।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी राज्य के सभी 22 जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। विभाग की ओर से उत्तर और पश्चिमी हरियाणा के 10 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में ओलावृष्टि के साथ 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
आंधी-तूफान के कारण कई जिलों में पेड़, बिजली के खंभे और अन्य ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे यातायात और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। फतेहाबाद के जाखल क्षेत्र में डाकघर के निकट एक विशाल बरगद का पेड़ सड़क पर गिर गया। वहीं टोहाना के चंडीगढ़-बलियाला मार्ग पर करीब 10 फीट ऊंची दीवार गिरने से एक कार उसके नीचे दब गई। तलवाड़ा गांव में भी एक मकान की दीवार ढहने की सूचना है।
कुरुक्षेत्र में एक मकान की छत गिरने से एक व्यक्ति के मलबे में दबने की खबर सामने आई है। वहीं जींद जिले के नरवाना-समैन मार्ग पर तेज आंधी के चलते बिजली की तारें टूट गईं, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
बारिश और तेज हवाओं का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 3.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। अंबाला में सबसे अधिक 7.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट रिकॉर्ड की गई, जहां न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.2 डिग्री कम होकर 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि भिवानी 45 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जबकि रोहतक में अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार 13 जून को मौसम में आंशिक सुधार देखने को मिल सकता है, लेकिन हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, रोहतक समेत मध्य और पश्चिमी हरियाणा के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी रहेगा। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी।
विभाग का अनुमान है कि 14 और 15 जून को सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और भिवानी के कुछ इलाकों में मौसम का असर बना रह सकता है। इसके बाद 15 जून के पश्चात प्रदेश में मौसम के पूरी तरह साफ होने की संभावना जताई गई है।







