सिरसा, 14 दिसम्बर – बांग्लादेश में हिन्दूओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ शुक्रवार को विभिन्न संगठनों ने शहर के टाऊन पार्क एकत्रित हुए और बांग्लादेश सरकार के खिलाफ रोष जताया। इसके बाद टाउन पार्क से लेकर लघु सचिवालय तक तक रोष प्रदर्शन किया गया। रोष प्रदर्शन के दौरान बांग्लादेश में हिन्दू नरसंहार बंद हो के नारे लगाए गए।
रोष प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा गया। इस रोष प्रदर्शन में बार एसोसिएशन सिरसा,बार एसोसिएशन ऐलनाबाद सहित सिरसा के तमाम धार्मिक व सामाजिक संस्थाएं शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पड़ोसी देश बांग्लादेश में 5 अगस्त को लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई शेख हसीना सरकार पर कुछ असामाजिक तत्वों, कट्टरपंथियों ने अलोकतांत्रिक तरीके से कब्जा कर लिया गया। प्रधानमंत्री को अपना देश छोड़ अन्य देशों में शरण लेनी पड़ी। आरक्षण के नाम पर शुरू हुआ आंदोलन कट्टरपंथियों के हाथों में चला गया और धर्म के नाम पर दंगे भडक़ाए गए। जिस वजह से वहां पर अल्पसंख्यक बौद्ध, जैन, सिख, ईसाई, हिंदू आदि पर अत्याचार किए गए, जिससे वे अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। दंगों में खासकर हिंदुओं को निशाना बनाया गया है। इन हमलों से उनकी न केवल धार्मिक स्वतंत्रता और मौलिक अधिकार खतरे में है बल्कि यह एक गहरी मानवीय त्रासदी बन गई है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बांग्लादेश की कार्यकारी सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पा रही है और ऐसा लग रहा है कि वहां का प्रशासन कट्टरपंथियों के हाथ में है। सेना व पुलिस अप्लसंख्यंकों की सुरक्षा करने की बजाय कट्टरपंथियों की सहयोगी दिखाई दे रही हैं। जिसके चलते वहां अल्पसंख्यकों की सरेआम हत्या की जा रही हैं, धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है, महिलाओं के साथ दुराचार हो रहा है, पूजा स्थलों को नष्ट कर देवमूर्तियों को खंडित किया जा रहा है।







